आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : अयोध्या का मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम इंटरनेशनल एयरपोर्ट लगभग बनकर तैयार है। इसका टर्मिनल का डिजाइन राम मंदिर जैसा है। 22 जनवरी को रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा से पहले इसे शुरू कर दिया जाएगा। इससे पहले सीएम योगी आज एयरपोर्ट पहुंचे। उनके साथ केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और केंद्रीय राज्यमंत्री जनरल वीके सिंह भी रहे। सभी ने एयरपोर्ट के निर्माण काम का जायजा लिया।

टर्मिनल बिल्डिंग में एयरपोर्ट अथॉरिटी के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की।CM और मंत्रियों के निरीक्षण के बाद एयरपोर्ट के उद्घाटन और उड़ान की डेट जल्द तय होगी। इसके साथ ही किराया भी तय किया जाएगा।

इधर, एयरपोर्ट के अधिकारियों ने बताया कि सबसे पहले भारतीय एयरलाइन कंपनी इंडिगो दिल्ली और अहमदाबाद के लिए फ्लाइट शुरू करेगी। दिल्ली के लिए रोज और अहमदाबाद के लिए हफ्ते में तीन दिन फ्लाइट मिलेगी।

जानिए श्रीराम इंटरनेशनल एयरपोर्ट के बारे में…

320 करोड़ की लागत से बन रहा एयरपोर्ट: सरकार 320 करोड़ की लागत से श्रीराम एयरपोर्ट बना रही है। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के अनुसार, एयरपोर्ट की बिल्डिंग राम मंदिर की तर्ज बनाई जा रही है। एयरपोर्ट का मुख्य भवन राजस्थान के बंशी पहाड़पुर के पत्थरों से बनाया जा रहा है। एयरपोर्ट का निर्माण तीन फेस में किया जा रहा है। पहले फेस में घरेलू उड़ान की सुविधा होगी। पूरे देश के एयरपोर्ट से अयोध्या की कनेक्टिविटी होगी। यहां पर 500 यात्रियों के एक बार में आने और जाने की सुविधा होगी। टर्मिनल-1 की बिल्डिंग में 250 यात्री आ-जा सकते हैं। इस तरीके की 500 यात्रियों की सुविधा होगी।

एयरपोर्ट का 95% से ज्यादा काम पूरा: एयरपोर्ट पर इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम (ILS) में शामिल विभिन्न घटकों जैसे लोकलाइजर, ग्लाइड पथ, मार्कर, डीएमई आदि का कैलिब्रेशन भी किया जा चुका है। दो फेज में इसे बनाया जा रहा। 2200 मीटर लंबा और 45 मीटर चौड़ा रन-वे बन चुका है। टर्मिनल बिल्डिंग और एयरपोर्ट में फीनिशिंग का काम 95% से ज्यादा पूरा हो गया है।

धुंध में भी आसानी से होगी लैंडिंग: एयरपोर्ट अथॉरिटी के प्रोजेक्ट इंजीनियर इंचार्ज राजीव कुलश्रेष्ठ ने बताया था कि फेज-वन के तहत ही रनवे सेफ्टी एरिया (रेसा) के मानक के तहत रनवे और कैंट वन लाइटिंग का काम किया गया है। इससे रात में और धुंध (फॉग) में भी विमानों की लैंडिंग आसानी से कराई जा सकेगी। इसके अलावा यहां पर डे और नाइट दोनों लैंडिंग की सुविधा है। एयरपोर्ट में हाईटेंशन लाइन से संबंधित जो भी शिफ्टिंग थी, वे सभी काम पूरे कर लिए गए हैं। नाइट लैंडिंग, कोहरे-धुंध में लैंडिंग के लिए कैट-वन और रनवे सेफ्टी एरिया (रेसा) का काम पूरा किया गया है। इसी तरह ATC टावर का भी काम पूरा हो गया है।

50 हजार स्क्वायर मीटर में होगी फेस टू की बिल्डिंग: राजीव कुलश्रेष्ठ के अनुसार, 6600 स्क्वायर मीटर में फेस वन की बिल्डिंग का निर्माण किया गया है। पहले फेज में एयरपोर्ट में आठ एयरक्राफ्ट खड़ा होने की व्यवस्था की गई है। फेस वन के बाद फेस टू की बिल्डिंग के लिए निर्माण कार्य शुरू होगा। यह बिल्डिंग 50 हजार स्क्वायर मीटर की होगी । इसमें अंतरराष्ट्रीय उड़ान भरी जाएगी। इसके लिए रनवे 3750 मीटर के करीब का होगा। सबसे पहले घरेलू उड़ानों को शुरू किया जाएगा। इसके बाद इंटरनेशनल उड़ानों के लिए एयरपोर्ट का विस्तार फेज-3 के रूप में किया जाएगा।