आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : दिल्ली सरकार की मंत्री आतिशी ने मंगलवार को दावा किया कि 2 नवंबर को ED मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को गिरफ्तार कर सकती है। केजरीवाल के बाद I.N.D.I.A गठबंधन के दूसरे नेता भी गिरफ्तार होंगे। अगला नंबर झारखंड के CM हेमंत सोरेन, बिहार के डिप्टी CM तेजस्वी यादव, केरल के CM पी विजयन, तमिलनाडु के CM एमके स्टालिन और बंगाल की CM ममता बनर्जी का है।

आतिशी ने कहा- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अरविंद केजरीवाल से डर लगता है। भाजपा को पता है कि वह चुनाव में आम आदमी पार्टी (AAP) को नहीं हरा सकती है। इसलिए AAP के सीनियर नेताओं को एक-एक कर जेल में डाला जा रहा है। इसके अलावा वे I.N.D.I.A गठबंधन के उन नेताओं को भी टारगेट कर रहे जो राजनीतिक रूप से उन्हें मजबूत दिख रहे हैं।

दिल्ली शराब घोटाले में सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने मनीष सिसोदिया की जमानत अर्जी खारिज कर दी। फैसले के कुछ घंटे बाद ED ने समन जारी कर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को पूछताछ के लिए 2 नवंबर को बुलाया है। आतिशी ने इसी दिन केजरीवाल की गिरफ्तारी का दावा किया है।

CBI ने अप्रैल में केजरीवाल से साढ़े 9 घंटे की पूछताछ की थी, 56 सवाल किए

शराब नीति केस में 30 अक्टूबर को ED की तरफ से अरविंद केजरीवाल को पहला समन भेजा गया है। इससे पहले CBI ने केजरीवाल से अप्रैल में करीब साढ़े 9 घंटे तक पूछताछ की थी। CBI ने उनसे 56 सवाल पूछे थे। केजरीवाल ने पूछताछ के बाद कहा था- CBI ने जितने सवाल पूछे, मैंने सभी के जवाब दिए। हमारे पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है।

केजरीवाल ने कहा था कि ये पूरा का पूरा कथित शराब घोटाला झूठ है, फर्जी है और गंदी राजनीति से प्रेरित है। शराब घोटाला में दिल्ली के पूर्व डिप्टी CM मनीष सिसोदिया और AAP सांसद संजय सिंह जेल में बंद हैं।

शराब घोटाले में मनीष सिसोदिया 247 दिनों से जेल में बंद

दिल्ली के पूर्व डिप्टी CM मनीष सिसोदिया को दिल्ली शराब नीति में 26 फरवरी को गिरफ्तार किया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार (30 अक्टूबर) को 247 दिनों से जेल में बंद सिसोदिया को जमानत देने से इनकार कर दिया। AAP नेता सिसोदिया पर दिल्ली शराब नीति में भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप है। दिल्ली शराब घोटाला 338 करोड़ रुपए के लेन-देन से जुड़ा मामला है।

सिसोदिया के केस में अब तक क्या हुआ

दिल्ली सरकार ने 17 नवंबर, 2021 को नीति लागू की लेकिन भ्रष्टाचार के आरोपों के बीच सितंबर 2022 के अंत में इसे रद्द कर दिया।

मनीष सिसोदिया को 26 फरवरी को CBI ने गिरफ्तार किया था। तब से वह हिरासत में हैं। ​ED ने तिहाड़ जेल में पूछताछ के बाद 9 मार्च को CBI की FIR से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में उन्हें गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद 28 फरवरी को सिसोदिया ने दिल्ली कैबिनेट से इस्तीफा दे दिया था।

दिल्ली हाईकोर्ट ने 30 मई को CBI केस में सिसोदिया को जमानत देने से इनकार कर दिया था और कहा था कि उपमुख्यमंत्री और उत्पाद शुल्क मंत्री होने के नाते, वह एक हाई-प्रोफाइल व्यक्ति हैं जो गवाहों को प्रभावित करने की क्षमता रखते हैं।

3 जुलाई को, दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली उत्पाद शुल्क नीति में अनियमितताओं से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में उन्हें जमानत देने से इनकार कर दिया था, यह कहते हुए कि उनके खिलाफ आरोप बहुत गंभीर प्रकृति के हैं।