आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू को हाईकोर्ट ने 28 दिन की अंतरिम जमानत दे दी है। 9 सितंबर को स्किल डेवलपमेंट घोटाले में नायडू को CID ने नांदयाल से गिरफ्तार किया था। आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट की वकील सुनकारा कृष्णमूर्ति ने बताया कि नायडू को मेउिकल ग्राउंड पर राहत दी गई है।
इधर, CID ने नायडू के खिलाफ पांचवां केस दर्ज किया है। ताजा मामला शराब दुकानों के लाइसेंस से जुड़ा है। नायडू पर आरोप है कि पिछली सरकार में उन्होंने गैरकानूनी शराब दुकानों को लाइसेंस दे दिया था। चंद्रबाबू के खिलाफ प्रिवेंशन ऑफ करेप्शन (PC) एक्ट 1988 के तहत केस दर्ज किया गया है। इस केस में चंद्रबाबू को आरोपी नंबर 3 बनाया गया है।
इस तरह नायडू के खिलाफ CID पांच अलग-अलग मामलों में केस दर्ज कर चुका है। स्किल डेवलेपमेंट घोटाले में वह पहले से ज्यूडिशियल कस्टडी में हैं। वहीं अंगालू केस, फाइबर नेट स्कीम केस और अमरावती रिंग रोड मामले में भी उनके खिलाफ जांच चल रही है।
अब सिलसिलेवार पढ़िए नायडू के खिलाफ 5 केस के बारे में…
- शराब लाइसेंस घोटाला
चंद्रबाबू नायडू के खिलाफ ताजा मामला शराब लाइसेंस घोटाले का है। CID ने केस दर्ज करते हुए सोमवार को औपचारिक रूप से एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) कोर्ट में याचिका दायर की और अदालत ने CID की नायडू के खिलाफ कार्रवाई की अनुमति दे दी है। नायडू राजमुंद्री सेंट्रल जेल से वर्चुअली इस सुनवाई में जुड़े।
- स्किल डेवलेपमेंट घोटाला
स्किल डेवलेपमेंट घोटाले में नायडू को CID ने 9 सितंबर को गिरफ्तार किया था। 73 वर्षीय नायडू पर आरोप लगाया गया था कि उन्होंने साल 2015 में मुख्यमंत्री रहते हुए स्किल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन के फंड का कथित तौर पर गलत इस्तेमाल किया था, जिससे के कारण राज्य के खजाने को 371 करोड़ का नुकसान हुआ था। इस मामले में नायडू एक नवंबर तक ज्यूडिशियल कस्टडी में हैं।
- अंगालू हिंसा केस
अंगालू हिंसा केस में भी CID नायडू के खिलाफ जांच कर रही है। हालांकि इस केस में गिरफ्तारी से बचने के लिए नायडू आंध्र हाईकोर्ट पहुंचे थे। कोर्ट ने 12 अक्टूबर को मामले में सुनवाई पूरी कर ली थी और फैसला सुरक्षित रख लिया था। अगले दिन यानी 13 अक्टूबर को इस केस में कोर्ट ने नायडू को अंतरिम जमानत दे दी थी। अंगालू हिंसा मामला इसी साल अगस्त तेलुगु देसम पार्टी (टीडीपी) की एक रैली से जुड़ा है। रैली के दौरान ही पथराव हुआ, जिसमें कई पुलिसवाले, टीडीपी और सत्ताधारी वाईएसआरसीपी समर्थक घायल हो गए थे। इसके बाद अन्नामय्या और चित्तूर जिलों में दंगे भड़क गए थे।
- अमरावती इनर रिंग रोड केस
अमरावती इनर रिंग रोड केस भी हाईकोर्ट में पेंडिंग है। नायडू ने इस मामले में अंतरिम जमानत की याचिका लगाई है। कोर्ट इस मामले पर 7 नवंबर को सुनवाई करेगा। अमरावती इनर रिंग रोड घोटाला 2014-2019 के दौरान का है, जब नायडू की सरकार थी। आरोप है कि सरकार में उच्च अधिकारी भ्रष्टाचार में लिप्त रहे और इस दौरान अमरावती के मास्टर प्लान की डिजाइनिंग और रिंग रोड और अन्य सड़कों को जोड़ने की योजना में धांधली की गई।
- फाइबर नेट स्कीम केस
फाइबर नेट स्कीम के पहले चरण के तहत कामों के ठेके देने में हुई अनियमितताओं के खिलाफ CID जांच कर रही है। CID ने नायडू पर आरोप लगाया है कि अपने फायदे वाली कंपनी को इस योजना में 330 करोड़ रुपए के कामों का ठेका देने से राज्य को भारी नुकसान हुआ है। काम पूरा होने तक भी कंपनी के कामों में अनियमितताएं मिली हैं। इस मामले में CID ने नायडू के खिलाफ FIR दर्ज की है। इसे रद्द करने के लिए नायडू ने HC में याचिका दायर की थी, जो कि खारिज हो चुकी है।