आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के बाद अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हरियाणा आ सकते हैं। दिसंबर के पहले हफ्ते में प्रधानमंत्री मोदी का हरियाणा आने का कार्यक्रम तय होने की संभावना है। रेवाड़ी के माजरा गांव में बनने वाले देश के 22वें एम्स का पीएम मोदी शिलान्यास करेंगे। इसके अलावा वे और भी आधा दर्जन बड़े प्रोजेक्ट्स की शुरुआत हरियाणा में कर सकते हैं।

हालांकि, पीएमओ से अभी तक तारीख तय नहीं की गई है, लेकिन हरियाणा सरकार अंदरखाने तैयारियों में जुटी हुई है। सीएम खुद तैयारियों को अमलीजामा पहना रहे हैं।

2019 में PM ने की थी एम्स की घोषणा

2019 के लोकसभा चुनाव से पहले केंद्र की मोदी सरकार ने हरियाणा को AIIMS का तोहफा दिया था। इस पर अभी तक काम भी शुरू नहीं हो पाया, क्योंकि एम्स के लिए चयनित जमीन पर विवाद था। पहले एम्स के लिए मनेठी में जगह फाइनल की गई थी, लेकिन पर्यावरण विभाग की आपत्ति के चलते इसे रिजेक्ट कर दिया गया।

इसके बाद माजरा ग्राम पंचायत ने एम्स के लिए जमीन की पेशकश की। सरकार ने पंचायती जमीन के साथ ही गांव के किसानों की जमीन का अधिग्रहण भी किया।

सीएम ने दिया पीएम को न्योता

पिछले दिनों सीएम मनोहर लाल ने पीएम नरेंद्र मोदी से मुलाकात के दौरान उन्हें हरियाणा आने का निमंत्रण दिया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरियाणा आने की हरी झंडी दे दी है, लेकिन अभी तारीख तय नहीं हुई है। PM हरियाणा दौरे के दौरान कुछ और भी परियोजनाओं की शुरुआत और शिलान्यास कर सकते हैं। इससे पहले सरकार माजरा गांव में जमीन इकट्ठे करके केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को ट्रांसफर कर चुकी है ताकि एम्स का निर्माण शुरू हो सके।

भाजपा का प्रभाव वाला है अहरीवाल क्षेत्र

हरियाणा के अहीरवाल में भाजपा का सबसे अधिक प्रभाव माना जाता है। इसी सोच के साथ भाजपा ने एम्स का तोहफा अहीरवाल को दिया, ताकि इस वोट बैंक को स्थाई तौर पर अपने साथ जोड़कर रखा जा सके। आने वाले 2024 में लोकसभा और विधानसभा चुनाव होने हैं, ऐसे में पीएम का यह दौरा पार्टी और सरकार के लिए बेहद अहम होने वाला है।

10 हजार से अधिक लोगों को मिलेगा रोजगार

एम्स का फायदा अकेले रेवाड़ी नहीं बल्कि महेंद्रगढ़, भिवानी, रोहतक, झज्जर, नूंह, गुरुग्राम, पलवल, फरीदाबाद व राजस्थान के झुंझनू जिले को भी होगा। एम्स का निर्माण करीब 210 एकड़ जमीन में होगा। एम्स बनने के बाद करीब तीन हजार लोगों को प्रत्यक्ष और 10 हजार से अधिक को अप्रत्यक्ष तौर पर रोजगार के अवसर मिलेंगे।