सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल: अमेरिका के इडाहो में एक दोषी को जहरीले इंजेक्शन से दी जाने वाली सजा टाल दी गई। बुधवार को जेल प्रशासन की मेडिकल टीम एक घंटे तक इंजेक्शन के लिए दोषी की सही नस नहीं ढूंढ पाई।

उन्होंने 8 बार नस ढूंढ़ने की कोशिश की लेकिन नाकाम रहे, जिसके बाद सजा को टाल दिया गया।

43 साल से जेल में है दोषी

न्यूज एजेंसी AFP के मुताबिक, दोषी का नाम थॉमस क्रीच है। इंजेक्शन लगाने के लिए उसे लीथल डेथ इंजेक्शन टेबल (स्ट्रेचर) पर बांधा गया।

इडाहो डिपार्टमेंट ऑफ करेक्शन (IDOC) के डायरेक्टर जॉश टेवाल्ट ने कहा- क्रीच के हाथों और पैरों में सही नस ढूंढने के लिए आठ बार कोशिश की गई जब ये नहीं मिली तो सजा को टाल दिया गया। दोबारा मौत की सजा देने की कोशिश की जाएगी। हालांकि ये कब होगा इसकी जानकारी फिलहाल नहीं है। क्रीच को 5 लोगों की हत्या करने के जुर्म में 1981 में सजा हुई थी। वो 43 साल से जेल में है।

एक मौत में लग गए थे 26 मिनट

16 जनवरी 2014 को ओहियो जेल में डेनिस मैक्ग्वायर (53) को जानलेवा इंजेक्शन से मौत की सजा सुनाई गई थी। डेथ चेंबर में डेनिस को लाया गया था। बिस्तर पर लिटाकर हाथ पैर और शरीर बांधा गया था।

दूसरी तरफ मौजूद कमरे में परिजन बैठकर यह नजारा शीशे की दीवार से देख रहे थे। डेनिस को 1989 में 22 साल की गर्भवती महिला से अपहरण कर दुष्कर्म करने और उसे मारने के लिए मौत की सजा मिली थी। करीब 10.27 बजे सुबह उसे लीथल इंजेक्शन लगाया गया। डेनिस का बेटा अपने पिता की घड़ी में समय देख रहा था। वह नोट कर रहा था कि कब उन्हें इंजेक्शन दिया गया।

10.30 बजे डेनिस का शरीर तेजी से उछलने लगा, उनके मुंह से ऐसी आवाजें निकल रही थीं जैसे कोई डूब रहा हो, वे तेजी से बिस्तर पर शरीर को पटक रहे थे। करीब 10.53 बजे डेनिस की मौत हुई। डेनिस की मौत में 26 मिनट लग गए।

40 साल पहले पहली बार इस्तेमाल

7 दिसंबर को 1982 को चार्ल्स ब्रूक्स जूनियर जहरीले इंजेक्शन से मौत की सजा पाने वाला पहला दोषी बना था। अमेरिका के टेक्सॉस में दवाओं के कॉकटेल को ब्रूक्स के शरीर में डाला गया था, जिससे उसका दिमाग और शरीर सुन्न पड़ गया, वो पैरालाइज हो गया और दिल की धड़कनें रुकने से उसकी मौत हो गई।