आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : पंजाब के अमृतसर में आज सिखों के पांचों तख्तों के जत्थेदार श्री अकाल तख्त साहिब पर इकट्‌ठे हो चुके हैं। सिखों के सर्वोच्च न्यायालय श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी रघबीर सिंह की तरफ से आज बुलाई गई बैठक शुरू हो गई है। अनुमान है कि इस बैठक में ज्वलंत मुद्दे पंजाब के पूर्व सीएम बेअंत सिंह के हत्यारे बलवंत सिंह राजेआना को लेकर बातचीत हो सकती है। बैठक के बाद जत्थेदार ज्ञानी रघबीर सिंह कौम के नाम संदेश देंगे।

शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) और अकाली दल की कोशिशों के बाद भी बलवंत सिंह राजोआना बीते दिन से भूख हड़ताल पर चला गया है। बलवंत सिंह ने बीते दिनों श्री अकाल तख्त साहिब पर एक खत लिखा, जिसमें उसने SGPC और अकाली दल पर आरोप लगाए कि SGPC और अकाल दल ने उसे राहत दिलाने के लिए कोई सार्थक प्रयास नहीं किए।

वहीं, राजोआना ने घोषणा की थी कि अगर उसकी सजा को लेकर कोई निर्णय नहीं लिया गया तो वे भूख हड़ताल पर चला जाएगा और हुआ भी ऐसा ही।

SGPC ने बैठकों का किया था दौर शुरू

SGPC ने श्री अकाल तख्त साहिब से निर्देश मिलने के बाद एक-एक कर तीन बैठकें की। जिसमें निर्णय लिया कि 4 दिसंबर को SGPC का वफद बलवंत राजोआना को जेल में जाकर मिलेगा। जिसके लिए अकाल दल के नेता बिक्रम मजीठिया को भेजा गया, लेकिन 4 दिसंबर को उन्हें जेल में जाने ही नहीं दिया गया।

इसके अलावा SGPC ने 20 दिसंबर को दिल्ली में एक बड़ा रोष मार्च निकालने की भी घोषणा की है। जिसमें वे भारत के राष्ट्रपति को 26 लाख हस्ताक्षर एप्लीकेशन सौंपेंगे, जिनमें बलवंत सिंह राजोआना की सजा को कम करने और बंदी सिखों को रिहा करने की अपील की गई है। इसके साथ ही SGPC राष्ट्रपति से 2011 में भेजी गई मरसी पटीशन पर निर्णय लेने की मांग करेगी

SGPC और अकाल दल की छवि को पहुंच रहा नुकसान

SGPC चाहे बलवंत राजोआना से मुलाकात और मरसी पटीशन पर निर्णय न लेने को लेकर राज्य व केंद्र सरकार को कोस रही है, लेकिन भूख हड़ताल पर जाने से SGPC व अकाली दल की छवि को नुकसान पहुंचा है। बलवंत सिंह राजोआना को जिंदा शहीद का खिताब दिया गया है, ऐसे में राजोआना की तरफ से ही SGPC व अकाली दल पर कुछ न करने के आरोप लगाए जा रहे हैं।