आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (NCP) के नाम और सिंबल को लेकर हो रहे विवाद पर महाराष्ट्र सरकार में डिप्टी CM अजित पवार ने कहा कि चुनाव आयोग का फैसला उन्हें मंजूर होगा।
पवार ने बताया कि शरद पवार गुट और अजित गुट के नेता आमने-सामने बैठेंगे, और जो फैसला लिया जाएगा, वह स्वीकार होगा।
NCP के दोनों गुट, पार्टी के नाम और चिन्ह पर दावा जताने के मुद्दे पर चुनाव आयोग 6 अक्टूबर को होने वाली सुनवाई की तैयारी कर रहे हैं। शरद पवार के नेतृत्व वाला NCP गुट भी सोमवार को इसी मुद्दे पर प्रेस कॉन्फ्रेंस करेगा।
मुझे CM नहीं बनना, मैं सिर्फ विकास के बारे में सोचता हूं- पवार
अजित से जब पूछा गया कि क्या वे महाराष्ट्र में CM बनने वाले हैं। इस पर उन्होंने कहा कि इन खबरों में कोई सच्चाई नहीं है। मैं सिर्फ विकास के बारे में सोचता हूं। अजित बोले- ऐसी खबरें उस दिन से चल रही हैं जब से एकनाथ शिंदे मुख्यमंत्री बने हैं।
महाराष्ट्र में मुस्लिम आरक्षण पर कहा- सरकार से बात करेंगे
राज्य में मुस्लिम आरक्षण पर अजित पवार ने कहा कि पहले जब आरक्षण दिया गया था तो कोर्ट ने एजुकेशन में रिजर्वेशन की परमिशन दी थी, लेकिन रोजगार में नहीं। यह तीन पार्टियों की सरकार है। इसलिए मैं इस मुद्दे को सीएम और डिप्टी सीएम के सामने रखूंगा और इसका समाधान निकालने का प्रयास करूंगा।
अजित ने अपने साथ बहुमत होने का दावा किया है
अजित 2 जुलाई को NCP के आठ विधायकों के साथ भाजपा-शिवसेना (एकनाथ शिंदे) के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र सरकार में शामिल हो गए थे। इसी दिन शिंदे सरकार में अजित ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली। अलगाव के बाद अजित ने दावा किया कि NCP का बहुमत उनके पास है। इसलिए पार्टी के नाम और चुनाव चिन्ह पर उन्हें अधिकार मिलना चाहिए। उन्होंने शरद पवार को NCP के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद से हटाने का ऐलान किया था।
शरद पवार गुट के 10 विधायकों को अयोग्य घोषित करें
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के अजित पवार गुट ने महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर को एक एप्लीकेशन दी है। इसमें शरद पवार से जुड़े 10 विधायकों को अयोग्य घोषित करने की मांग की गई है। एप्लीकेशन गुरुवार को अनिल भाईदास पाटिल ने दायर की थी, जो अजित पवार गुट के चीफ व्हीप (मुख्य सचेतक) हैं।
शरद पवार ने इलेक्शन कमीशन से कहा- मैं ही NCP चीफ
शरद पवार ने 8 सितंबर को चुनाव आयोग को बताया कि पार्टी में कोई फूट नहीं है। वे पार्टी के अध्यक्ष हैं और जयंत पाटिल प्रदेश अध्यक्ष हैं, जो उनके साथ हैं। ऐसे हालात में अजित गुट पार्टी पर दावा कैसा कर सकता है। उन्होंने कहा कि अजित पवार का पार्टी का अध्यक्ष बनना और पार्टी के नाम और चिन्ह का इस्तेमाल करना गैरकानूनी है।