आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : संसद में सवाल पूछने के बदले पैसे लेने के मामले में फंसी TMC सांसद महुआ मोइत्रा पर नए आरोप लगे हैं।

सुप्रीम कोर्ट के एडवोकेट जय अनंत देहाद्राई ने मंगलवार को महुआ पर जबरन उनके घर में घुसने और स्टाफ को डराने-धमकाने का आरोप लगाया है।

देहाद्राई ने इसे लेकर दिल्ली के हौज खास पुलिस स्टेशन के स्टेशन हाउस ऑफिसर को पत्र लिखकर शिकायत भी की है।

देहाद्राई वही वकील हैं जिन्होंने 14 अक्टूबर को महुआ पर संसद में सवाल पूछने के लिए बिजनेसमैन से रिश्वत लेने का आरोप लगाया था।

उन्होंने तीन हफ्ते पहले दिल्ली पुलिस के कमिश्नर को भी एक लेटर लिखा था, जिसमें उन्होंने अपनी जान को खतरा होने की बात कही थी।

एडवोकेट जय अनंत देहाद्राई ने चिट्‌ठी में और क्या लिखा…

देहाद्राई ने पत्र में लिखा कि महुआ एथिक्स कमेटी के सामने पेश होने के कुछ दिनों बाद 5 और 6 नवंबर को मेरे घर गई थीं। एक दिन वो सांसद पिनाकी मिश्रा की कार में आई थीं। अगले दिन वो विधायक विवेक गुप्ता की सफेद इनोवा क्रिस्टा से आईं।

उनके आने की जानकारी उन्हें पहले से नहीं दी गई थी। उन्हें डर यह है कि वो उन्हें डराने-धमकाने के लिए उनके पालतू जानवर हेनरी का इस्तेमाल उनके घर पर व्यक्तिगत रूप से आने के बहाने के रूप में कर रही हैं।

वो पहले भी मेरे खिलाफ धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज करा चुकी हैं, जिसे बाद में उन्होंने वापस लिया था। ऐसे में इस बात की पूरी संभावना है कि महुआ जानबूझकर मेरे खिलाफ धोखाधड़ी की अन्य शिकायतें दर्ज करने के मकसद से घर आई हों।

उनका बिना किसी निमंत्रण या कारण के मेरे घर पर आना बेहद संदिग्ध और अनुचित है। मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि मैंने उन्हें नहीं बुलाया था। वह बिना बुलाए आई थीं। वो मुझे डराने के इरादे से मेरे घर आई थीं।

संसद में पैसे लेकर सवाल पूछने के केस में अब तक क्या हुआ…

महुआ ने एथिक्स कमेटी पर लगाया बैठक स्थगित करने का आरोप

महुआ ने 6 नवंबर को दावा किया कि 7 नवंबर को होने वाली लोकसभा की एथिक्स कमेटी की बैठक इसलिए स्थगित की गई ताकि कांग्रेस पार्टी के सांसदों को कार्यवाही से दूर रखा जा सके।

 

दरअसल, उनके ऊपर लगे आरोपों पर मसौदा रिपोर्ट पर विचार करने और उसे अपनाने के लिए मंगलवार को समिति की बैठक होनी थी। बैठक अब 9 नवंबर को होगी। इसके अलावा, महुआ ने यह भी आरोप लगाया कि मसौदे की रिपोर्ट सदस्यों को अभी तक नहीं दी गई है।

5 पॉइंट में पूरा मामला समझें…

भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने 15 अक्टूबर को लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला को चिट्ठी लिखी थी। इसमें उन्होंने महुआ पर आरोप लगाए थे कि महुआ ने संसद में सवाल पूछने के लिए बिजनेसमैन दर्शन हीरानंदानी से पैसे और तोहफे लिए थे। इस मामले को स्पीकर ने एथिक्स कमेटी को भेज दिया।

निशिकांत ने 21 अक्टूबर को महुआ पर एक और गंभीर आरोप लगाया। निशिकांत ने सोशल मीडिया पर अपनी पोस्ट में लिखा- कुछ पैसों के लिए एक सांसद ने देश की सुरक्षा को गिरवी रख दिया। मैंने इसे लेकर लोकपाल से शिकायत की है।

उन्होंने कहा कि दुबई से संसद की ID खोली गई, जबकि उस वक्त वो कथित सांसद भारत में ही थीं। इस नेशनल इन्फॉर्मेटिक्स सेंटर (NIC) पर पूरी भारत सरकार है। देश के प्रधानमंत्री, वित्त विभाग, केंद्रीय एजेंसी यहां हैं। क्या अब भी TMC व विपक्षी दलों को राजनीति करनी है। निर्णय जनता का है। NIC ने यह जानकारी जांच एजेंसी को दे दी है।

एथिक्स कमेटी ने 27 अक्टूबर को महुआ को समन भेजा और 31 अक्टूबर को सुबह 11 बजे कमेटी के सामने पेश होने का निर्देश दिया था। महुआ ने इसी दिन एथिक्स कमेटी को लिखा था कि वे 5 नवंबर के बाद ही मौजूद हो पाएंगी। 28 अक्टूबर को एथिक्स कमेटी ने महुआ को 2 नवंबर को पेश होने को कहा।

महुआ मोइत्रा के संसद में 62 सवाल, 9 अडाणी से जुड़े

2019 में सांसद बनने के बाद से महुआ मोइत्रा ने पार्लियामेंट में 28 केंद्रीय मंत्रालयों से जुड़े 62 सवाल पूछे हैं। इनमें पेट्रोलियम से लेकर कृषि, शिपिंग, नागरिक उड्डयन, रेलवे आदि शामिल हैं।

sansad.in की वेबसाइट के मुताबिक, 62 सवालों में से सबसे ज्यादा 9 सवाल पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के लिए थे, उसके बाद वित्त के लिए आठ सवाल थे।

कुल 62 में से 9 सवाल अडाणी समूह से संबंधित थे। इनमें से छह सवाल पेट्रोलियम मंत्रालय के लिए और एक-एक सवाल वित्त, नागरिक उड्डयन और कोयला मंत्रालयों के लिए था।