आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : मप्र में सत्ता की चाबी हमेशा से ही आदिवासियों के हाथ में रही हैं। आदिवासियों के लिए आरक्षित 47 सीटों में से 24 पर जीतने में भाजपा कामयाब रही है। वहीं आदिवासियों के प्रभाव वाली गैर आरक्षित 29 सीटों में से भाजपा ने 20 पर जीत दर्ज कर ली है।

कांग्रेस को सिर्फ 22 सीटों पर संतोष करना पड़ा है। निमाड़ में भील-भिलाला और बारेला का साथ कांग्रेस के साथ कायम रहा है। कांग्रेस ने यहां की 19 में से 12 सीटें जीत ली हैं। भाजपा को 7 सीटें ही मिली है। लेकिन कोल गोंड और कोरकू प्रभाव वाले विंध्य महाकौशल, नर्मदापुरम और मालवा में भाजपा को बढ़त मिली है।

आदिवासी मतदाताओं का असर देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर कांग्रेस आलाकमान राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने प्रदेश में अपने चुनाव प्रचार अभियान की शुरुआत आदिवासी इलाकों से ही की थी। भाजपा ने रानी दुर्गावती के बलिदान दिवस पर प्रदेशभर में आदिवासी गौरव यात्रा निकाली थी। जवाब में कांग्रेस ने भी वनाधिकार यात्रा निकाली थी। आदिवासियों की राजनीति करने वाली गोंडवाना गणतंत्र पार्टी का बसपा से गठबंधन बेअसर रहा।

मप्र का ट्रेंड… ज्यादा आदिवासी सीटें जीतने वाली पार्टी की ही बनती है सरकार

तस्वीर बड़वानी के जामन्या की है। चुनावी जीत के बाद इस तरह ढोल बजाकर मनाया गया जश्न।

दोनों दलों के आलाकमान ने आदिवासियों को साधा

नरेंद्र मोदी

1 जुलाई को शहडोल के पकरिया पहुंचे। आदिवासियों की बीमारी सिकल सेल एनीमिया के उन्मूलन का राष्ट्रीय कार्यक्रम जारी किया।

5 अक्टूबर को जबलपुर में गोंड रानी दुर्गावती के 500वीं जयंती पर दुर्गावती स्मारक का शिलान्यास किया।

राहुल और प्रियंका गांधी

10 अक्टूबर शहडोल के ब्यौहारी में आदिवासियों के बीच पहुंचे। आदिवासियों और वनवासियों के बीच का फर्क बताते हुए जंगल और जमीन पर पहला हक आदिवासियों का बताया।

5 अक्टूबर को धार के मोहन खेड़ा में आदिवासियों के बीच भाजपा पर घोटालों के आरोप लगाए।

एक नजर: किस पार्टी को कितनी आदिवासी सीटें मिलीं चुनाव वर्ष भाजपा कांग्रेस अन्य 2023 24 22 1 2018 16 30 1 2013 31 15 1 2008 29 17 1 2003 31 15 1

सिर्फ 708 वोटों से जीत पाए जयस संरक्षक अलावा

प्रदेश में आदिवासी राजनीति को बढ़ावा देने और पिछली बार कांग्रेस की जीत में बड़ा योगदान देने वाले जयस संरक्षक हीरालाल अलावा का इस बार जीत का मार्जिन 708 रह गया जबकि पिछली बार वे 20000 के बड़े अंतर से जीते थे।

पीएम ने भोपाल से ही सेट किया आदिवासी राजनीति का एजेंडा

भाजपा ने शुरू से आदिवासियों पर फोकस रखा। दो साल पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भोपाल में बिरसा मुंडा जयंती 15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस मनाने की घो​षणा की थी। इस तरह उन्होंने आदिवासी नायकों को सम्मान देने का ऐलान किया था। इसकी शुरुआत भोपाल के हबीबगंज स्टेशन का नाम बदलकर गोंड रानी कमलापति के नाम पर रखकर की थी। इसके अलावा मध्यप्रदेश के 89 ट्राइबल ब्लॉक में आदिवासियों के लिए राशन आपके द्वार योजना की इसी दिन शुरू की गई।

पहली बार जीती भारत आदिवासी पार्टी

अभी तक राजस्थान की राजनीति में सक्रिय रही भारत आदिवासी पार्टी ने पहली बार मध्य प्रदेश में एक सीट जीत ली है। रतलाम जिले की सैलाना सीट पर भारत आदिवासी पार्टी के कमलेश्वर डोंडियार जीते हैं। खास बात है यह है कि सैलाना की 87 फीसदी आबादी ट्राइबल है। प्रदेश में सर्वाधिक मतदान भी इसी सीट पर होता है। इस बार भी मतदान प्रतिशत 91 फीसदी से अधिक रहा था।