आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : कोरोना का नया वैरिएंट JN.1 देश के 8 राज्यों में फैल चुका है। अब तक देशभर में इसके कुल 109 केस मिले हैं। पिछले 24 घंटे में गुजरात में अकेले इस वैरिएंट के 36 मरीज सामने आए हैं।

इधर, देशभर में कोरोना के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। पिछले 24 घंटे में 529 लोग संक्रमित हुए हैं, जबकि 3 लोगों की मौत हुई है। कुल केस में 40 JN.1 वैरिएंट के मरीज हैं।

हेल्थ मिनिस्ट्री के मुताबिक, 24 घंटे में 603 मरीज ठीक हुए हैं। केरल में सबसे ज्यादा 353, कर्नाटक में 74 और महाराष्ट्र में 37 संक्रमित हैं। देश में कुल एक्टिव केस की संख्या 4 हजार 93 हो गई है।

हालांकि, अच्छी बात ये है कि कोरोना से ठीक होने वाले भी सबसे ज्यादा केरल, कर्नाटक और महाराष्ट्र में ही हैं। 24 घंटे में केरल में 495 मरीज और कर्नाटक में 44 मरीज कोरोना से ठीक हुए हैं।

रिपोर्ट्स के मुताबिक कोरोना अभी सामने आ रहे मामलों में ज्यादातर मरीज होम आइसोलेशन में हैं। नए वैरिएंट के आने के बाद भी हॉस्पिटलाइजेशन रेट में बढ़ोतरी नहीं हुई है।

नए वैरिएंट से सतर्क रहने की जरूरत

नए वैरिएंट को लेकर ICMR की पूर्व महानिदेशक डॉ. सौम्या स्वामीनाथन ने सतर्क रहने को कहा है। न्यूज एजेंसी ANI से उन्होंने कहा- हमें चिंता करने की जरूरत नहीं है। हमारे पास JN.1 का कोई डेटा नहीं है, जिससे पता चल सके कि यह वैरिएंट खतरनाक है या नहीं।

41 देशों में फैला JN.1 वैरिएंट

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार कोरोना का नया JN.1 वैरिएंट अब तक 41 देशों में फैल चुका है। फ्रांस, अमेरिका, ब्रिटेन, सिंगापुर, कनाडा और स्वीडन में JN.1 के मामले सबसे ज्यादा हैं। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक सभी केसेज हल्के लक्षण के हैं।

WHO ने JN.1 को ‘वैरिएंट ऑफ इंटरेस्ट’ में शामिल किया है। WHO ने बताया कि अभी तक का विश्लेषण कहता है कि मौजूदा वैक्सीन JN.1 वैरिएंट पर पूरी तरह से कारगर है। इससे लोगों को ज्यादा खतरा नहीं है।

हालांकि WHO ने सावधानी के तौर पर एडवाइजरी जारी की है। इसमें लोगों को भीड़ वाले, बंद या दूषित हवा वाले इलाकों में मास्क पहनने की सलाह दी गई है। साथ ही आवश्यक दूरी बनाने को भी कहा गया है।

भारत में कहां से आया JN.1 वैरिएंट ?

इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) के महानिदेशक डॉ. राजीव बहल के मुताबिक 8 दिसंबर को केरल के तिरुवनंतपुरम में सबसे पहला JN.1 वैरिएंट सामने आया था। 79 साल की एक महिला की रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। महिला में इन्फ्लुएंजा जैसी बीमारी के हल्के लक्षण थे। हालांकि बाद में वह ठीक हो गई।

कोविड के सब-वैरिएंट JN.1 की पहचान पहली बार यूरोपीय देश लक्जमबर्ग में हुई। यहां से यह तमाम देशों में फैलना शुरू हो गया। यह सब-वैरिएंट पिरोला वैरिएंट (बीए.2.86) से जुड़ा हुआ है। इसे इंसानी शरीर की इम्यूनिटी के खिलाफ खतरनाक बताया जा रहा है। यही वजह है कि नए सब-वैरिएंट को लेकर अलर्ट जारी किया गया है।

अमेरिका में सितंबर में मिला था JN.1 का पहला मरीज

यूएस सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (CDC) ने कहा था कि 8 दिसंबर तक अमेरिका में सब वैरिएंट JN.1 अनुमानित 15% से 29% कोविड केस के लिए जिम्मेदार है। सितंबर में पहली बार JN.1 का मरीज सामने आया था।