सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्कआईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : ब्रिटेन की एक कोर्ट ने एक भारतीय कपल को 33 साल की सजा सुनाई है। इस कपल पर ड्रग तस्करी के आरोप थे।

ब्रिटेन की नेशनल क्राइम एजेंसी (NCA) के मुताबिक आरती धीर और कवलजीत सिंह रायजादा ने 600 करोड़ की 514 किलोग्राम कोकेन ऑस्ट्रेलिया स्मगल की थी। दोनों को 2021 में ब्रिटेन के हैनवेल शहर में गिरफ्तार किया गया था।

इस कपल पर अपने 11 साल के सौतेले बेटे की हत्या करने के भी आरोप थे। इसे लेकर भारत सरकार ने ब्रिटेन की सरकार से कपल को प्रत्यार्पित करने की मांग की थी।

2017 में बेटे का शव सड़क किनारे मिला था

आरती और कवलजीत ने 2015 में गुजरात में गोपाल सेजानी को गोद लिया था। गोपाल गांव में अपनी बहन और पिता के साथ रहता था। कपल ने गोपाल के पिता से वादा किया था कि वो गोपाल को लंदन ले जाएंगे। लेकिन 2017 में उसे अगवा कर लिया गया।

8 फरवरी 2017 में उसका शव सड़क किनारे मिला था। शरीर पर चाकू से किए गए वार के निशान थे। भारतीय पुलिस का कहना था कि दोनों ने इंश्योरेंस के पैसों के लिए बच्चे को एडॉप्ट किया फिर उसे अगवा करवाया और उसकी हत्या कर दी।

भारत ने ब्रिटेन से आरती और कवलजीत को प्रत्यार्पित करने की मांग की थी। हालांकि, 2019 में ब्रिटिश सरकार ने यह मांग खारिज कर दी थी।

टूलबॉक्स में छिपाते थे ड्रग्स, फिंगरप्रिंट से पकड़े गए

NCA के मुताबिक आरती और कवलजीत ने 2015 में वीफ्लाई फ्रेट सर्विस नाम की एक कंपनी शुरू की थी। बाहरी तौर पर यह कंपनी कार्गो ट्रांसपोर्ट करती थी। लेकिन कपल का मकसद सिर्फ ड्रग्स स्मगल करना था। दोनों मेटल के टूलबॉक्स में ड्रग्स छिपाते थे और एक कॉमर्शियल फ्लाइट से इसे दूसरे देश भेजते थे।

2021 में पुलिस ने चैकिंग के दौरान जब इन बॉक्स को खोला तो ड्रग्स मिली। बॉक्स प्लास्टिक के बैग में थे। पुलिस को इस प्लास्टिक पर कवलजीत के फिंगरप्रिंट मिले। इसके बाद आरती और कवलजीत को हैनवेल स्थित उनके घर से गिरफ्तार किया गया। ठोस सबूत नहीं होने के कारण कपल पुलिस की गिरफ्त से बच निकला, लेकिन लगातार जारी इन्वेस्टिगेशन के कारण दोनों को फरवरी 2023 में एक बार फिर गिरफ्तार कर लिया गया।