आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल: मिलिट्री पॉवर के लिहाज से अमेरिका को अब भी दुनिया का सबसे ताकतवर देश माना जाता है, लेकिन हैरानी की बात ये है कि यह देश नए साल में करीब 6 दिन बिना डिफेंस मिनिस्टर के रहा।
इससे भी ज्यादा परेशान करने वाली बात यह है प्रेसिडेंट जो बाइडेन समेत कई लोगों को इस बात की जानकारी ही नहीं थी कि लॉयड ऑस्टिन कहां हैं? अब इस मामले पर बयानबाजी और सफाई के जरिए लीपापोती की कोशिश हो रही है। पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ऑस्टिन को बर्खास्त करने की मांग की है।
मोटे तौर पर ऑस्टिन की गैरमौजूदगी का यह मामला 1 से 7 जनवरी 2024 के बीच का है, लेकिन कहानी इसके काफी पहले शुरू हो चुकी थी।
बीमारी, हॉस्पिटल, डिस्चार्ज और फिर एडमिट
अमेरिका और दुनिया के तमाम मीडिया हाउसेज ने अमेरिकी डिफेंस मिनिस्टर लॉयड ऑस्टिन की गैरमौजूदगी की कवरेज के जरिए तह तक जाने की कोशिश की है। अगर इसका लब्बोलुआब निकालें तो कुछ चीजें साफ हो जाती हैं।
‘टाइम मैगजीन’ के मुताबिक- ऑस्टिन की तबीयत 22 दिसंबर 2023 को अचानक खराब हुई। उन्हें हॉस्पिटल ले जाया गया। अगले दिन यानी 23 दिसंबर 2023 को उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया और वो घर चले गए। अमेरिकी रक्षा मंत्रालय यानी पेंटागन अब तक खुलकर ये नहीं बता सका है कि उसे इस मामले की जानकारी थी या नहीं, अगर थी तो क्या उसने बाइडेन और नेशनल सिक्योरटी एडवाइजर जेक सुलिवन को इस बारे में बताया था या नहीं?
बहरहाल, कहानी यहां खत्म नहीं बल्कि शुरू होती है। दरअसल, हुआ ये कि नए साल के पहले दिन यानी 1 जनवरी 2024 को ऑस्टिन की तबीयत जबरदस्त तरीके से बिगड़ती है और उन्हें फौरन ICU में एडमिट कराना पड़ता है। वो शुक्रवार रात (भारत में शनिवार 6 जनवरी) को डिस्चार्ज होते हैं और इसके बाद घर चले जाते हैं।
बीमारी का खुलासा नहीं
न्यूज एजेंसी ‘रॉयटर्स’ समेत किसी भी रिपोर्ट में यह साफ नहीं हो पाया है कि ऑस्टिन को बीमारी क्या है? लिहाजा, इस बारे में सिर्फ कयास ही लगाए जा रहे हैं। ये जरूर बताया गया है कि 31 दिसंबर और 1 जनवरी की दरमियानी रात उन्हें काफी तेज दर्द हुआ था। इसके बावजूद यह गुत्थी अनसुलझी है कि दर्द क्यों और शरीर के किस हिस्से में था।
व्हाइट हाउस और पेंटागन की तरफ से जो टुकड़ों में सफाई आ रही है, उसमें भी ये नहीं बताया गया कि ऑस्टिन किस बीमारी से पीड़ित हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक- यह मामला सामने आने के बाद दोनों पार्टियां (डेमोक्रेट और रिपब्लिकन) के अलावा कांग्रेस भी परेशान हैं। अब यह सवाल पूछा जा रहा है कि अमेरिका का डिफेंस मिनिस्टर हॉस्पिटल में था तो इसकी जानकारी किसी को क्यों नहीं दी गई? उन्हें अंधेरे में क्यों रखा गया?
मामला तब और उलझ गया जब एयरफोर्स के मेजर जनरल पैट रायडर ने ऑस्टिन के घर लौटने की जानकारी तो दी, लेकिन बाकी हर सवाल पर वो चुप्पी साध गए। लॉयड वॉल्टर रीड आर्मी हॉस्पिटल में एडमिट थे। यहां से भी कोई जानकारी नहीं दी गई। सवाल उठने बिल्कुल लाजिमी
‘न्यूयॉर्क पोस्ट’ के एडिटोरियल बोर्ड के मुताबिक- दुनिया में सिक्योरिटी के हालात इस वक्त हर देश के लिए मुश्किल हैं। रूस-यूक्रेन और इजराइल-हमास की जंग जारी है। रेड सी में हूती विद्रोही रोज नया खतरा पैदा कर रहे हैं। साउथ चाइना सी में अमेरिका और चीन की नेवी बिल्कुल आमने-सामने हैं।
इसके अलावा अमेरिका में इसी साल राष्ट्रपति चुनाव होने हैं और बाइडेन की ओवरऑल फिटनेस को लेकर गंभीर सवालिया निशान हैं। फॉरेन सेक्रेटरी एंटनी ब्लिंकन और NSA जेक सुलिवन ज्यादातर वक्त देश से बाहर गुजार रहे हैं। ऐसे में ऑस्टिन की गैरमौजूदगी बाइडेन एडमिनिस्ट्रेशन के लिए बड़ी बात होनी चाहिए थी। वो भी ऐसे वक्त जबकि वो पिछले ही महीने इजराइल और लाल सागर में वॉरशिप के दौरे से लौटे थे।
एयरफोर्स के मेजर जनरल रायडर ने खुद माना कि डिप्टी सेक्रेटरी ऑफ डिफेंस कैथलीन हिक्स को गुरुवार (भारत में शुक्रवार 5 जनवरी) तक अपने चीफ ऑस्टिन के बारे में जानकारी नहीं दी गई थी। जब उन्हें पता लगा तो उन्होंने संसद को इस बारे में जानकारी दी।
कितनी हैरानी की बात है कि हिक्स उस वक्त प्यूर्टो रिको में छुट्टियां मना रहीं थीं और प्रेसिडेंट भी न्यू ईयर लीव पर थे। 5 जनवरी को NSA जेक सुलिवन ने उन्हें इस बारे में बताया।