आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/ आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : अगर आप बेहतर निवेश की तलाश में हैं, तो आपको LIC Bima Ratna Scheme के बारे में जरूर समझना चाहिए। अगर इस स्किम में समझदारी से निवेश की जाए तो 5 लाख के निवेश पर 50 लाख तक मुनाफा कमाया जा सकता है।

एक बीमा पॉलिसी उनलोगों के लिए बेहद जरूरी होती है, जो घर में कमाई करने वाले अकेले सदस्य होते हैं, क्योंकि यह किसी भी दुर्भाग्यपूर्ण घटना के मामले में परिवार को वित्तीय सहायता प्रदान करती है, लेकिन क्या होगा अगर किसी पॉलिसी में सर्वाइवल को गारंटीशुदा बोनस के साथ-साथ मृत्यु लाभ जैसे कई फायदे मिल रहे हों? एलआईसी का बीमा रत्न एक गैर-लिंक्ड, गैर-भागीदारी, व्यक्तिगत, बचत, जीवन बीमा योजना है जो तीनों का संयोजन प्रदान करता है। यह योजना पॉलिसी अवधि के दौरान पॉलिसीधारक की दुर्भाग्यपूर्ण मृत्यु के मामले में परिवार के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करती है और विभिन्न वित्तीय जरूरतों को पूरा करने के लिए एक खास अवधि में पॉलिसीधारक के जीवित रहने पर पीरियोडिकल पेमेंट भी प्रदान करती है। यह योजना लोन सुविधाओं के माध्यम से लिक्विडिटी की जरूरतों का भी ध्यान रखती है।

ऐसे बना सकते हैं 5 लाख को 50 लाख

एलआईसी बीमा रत्न पॉलिसी मनी-बैक गारंटी, समृद्ध बोनस और मृत्यु कवर प्रदान करती है, जिसमें 15 वर्ष, 20 वर्ष और 25 वर्ष की पॉलिसी अवधि के लिए एक खास समय पर सर्वाइवल लाभ के रूप में एक निश्चित राशि प्रदान करती है। इसमें निवेशक को 10 गुना रिटर्न मिलता है। यानि कि अगर आप 5 लाख रुपये लगाते हैं तो आपको 15 साल बाद 50 लाख का लाभ मिलेगा। पॉलिसी अवधि के दौरान एक खास समय पर मूल बीमा राशि का 25 प्रतिशत प्राप्त होता है। एलआईसी का बीमा रत्न पॉलिसीधारक को परिपक्वता पर गारंटेड बोनस के साथ कुल बीमा राशि का 50 प्रतिशत प्रदान करता है। इस पॉलिसी के तहत एक पॉलिसीधारक को 5 साल तक के लिए प्रत्येक 1000 रुपये की मूल बीमा राशि पर बोनस भी मिलता है, जिसकी राशि 50 रुपये होती है। 6-10 वें साल तक की अवधि में व्यक्ति को 55 रुपये का बोनस दिया जाता है और 11वें से 25वें साल तक उन्हें प्रत्येक 1000 रुपये की मूल बीमा राशि पर 60 रुपये का बोनस मिलेगा।

एलआईसी बीमा रत्न की मृत्यु लाभ पॉलिसी

यदि पॉलिसीधारक की बीमा अवधि के दौरान मृत्यु हो जाती है, तो जिस व्यक्ति के नाम पर बीमा लिया गया है। उसके परिवार को बीमित राशि और गारंटीकृत बोनस दिया जाता है। ऐसी स्थिति में एलआईसी द्वारा नॉमिनी को बेसिक सम एश्योर्ड का 125 फीसदी तथा जो प्रीमियम की सालाना राशि है उसका 7 गुना तक जो भी अधिक हो भुगतान किया जाता है।