सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्कइंटीग्रेटेड ट्रेडन्यूज़ भोपाल: अयोध्या में श्रीराम मंदिर में रामलला की मूर्ति की 22 जनवरी को होने वाली प्राण प्रतिष्ठा के दौरान प्रदेश में अवकाश को लेकर अभी भी असमंजस की स्थिति बनी हुई है। इसकी वजह सामान्य प्रशासन विभाग का वो आदेश है जिसमें 22 तारीख को शासकीर्य कर्मचारियों को आधे दिन की बात कही गई है।

दरअसल, जीएडी के गुरुवार देर रात जारी आदेश में कहा गया है कि अयोध्या में रामलला प्राण प्रतिष्ठा समारोह के अवसर पर शासकीय कार्यालयों में 22 जनवरी को आधे दिवस का अवकाश दोपहर बाद 2.30 बजे तक के लिए घोषित किया जा रहा है। इस आदेश में यह नहीं लिखा है कि स्कूल और कालेज भी बंद रहेंगे। इसलिए कालेज और स्कूल को प्रोफेसर, टीचर और स्टूडेंट्स में छुट्टी को लेकर गफतल की स्थिति बनी हुई है। इसी के चलते अभी तक स्कूल शिक्षा और उच्च शिक्षा विभाग ने भी इसको लेकर आदेश जारी नहीं किया है कि 22 जनवरी को किसी भी तरह का अवकाश रहेगा या नहीं रहेगा।

आदेश में स्थिति साफ नहीं

शिक्षक दिनेश चतुर्वेदी बताते हैं कि अवकाश की स्थिति जीएडी के आदेश में साफ नहीं है। इसलिए जिलों में स्कूल और कालेज के प्रिंसिपल अवकाश मानने के लिए तैयार नहीं हैं। इनका कहना है कि जब शासन छुट्टी करेगा तो ही मान्य की जाएगी। इस स्थिति में सरकार को स्कूली और कालेज स्टूडेंट्स के अवकाश को लेकर गफलत की स्थिति स्पष्ट करना चाहिए।

केंद्र के आदेश के बाद एमपी में हुआ है आधे दिन का अवकाश

एमपी सरकार पहले 22 जनवरी को पूरे दिन भर का अवकाश घोषित करने वाली थी और इसको लेकर जीएडी द्वारा चलाई गई फाइल सीएस वीरा राणा तक पहुंची भी थी लेकिन जब सीएस दफ्तर से फाइल लौटी तो अवकाश की कार्यवाही रुक गई। गुरुवार को जब केंद्र सरकार ने सभी केंद्रीय कार्यालयों, उपक्रमों के कर्मचारियों और अधिकारियों ने देश भर में दोपहर बाद 2.30 बजे तक के लिए आधे दिन का अवकाश घोषित किया तो एमपी सरकार ने भी देर रात आधे दिन के लिए अवकाश के आदेश जारी कर दिए।