आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : कुलगाम के सामनू में गुरुवार शाम साढ़े चार बजे शुरू हुआ एनकाउंटर शुक्रवार दोपहर एक बजे तक चला। इस एनकाउंटर में लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट के 5 आतंकी मारे गए।

सुरक्षाबलों को गुरुवार को जानकारी मिली कि सामनू में आतंकी गतिविधि हो रही है। सर्च ऑपरेशन के दौरान जब फोर्सेस पर फायरिंग की गई तब एनकाउंटर शुरू हुआ। रात के वक्त एनकाउंटर थम गया। पर फोर्सेस ने इलाके को घेर रखा था। शुक्रवार सुबह फिर एनकाउंटर शुरू हुआ और दोपहर तक सेना को कामयाबी मिल गई। फोर्सेस ने उस ठिकाने को तबाह कर दिया, जहां आतंकी छिपे थे। एनकाउंटर स्पॉट​​​ से बंदूकें, गोलियां, ग्रेनेड और कुछ विस्फोटक पदार्थ भी बरामद किए गए हैं।

आतंकियों का स्थानीय लोगों में हत्या में हाथ था

साउथ कश्मीर पुलिस के डीआईजी के कहना है कि पिछले साल शोपियां और कुलगाम में जो कश्मीरी पंडितों की हत्या हुई थी। उस वारदात में इस संगठन का हाथ था। इसी साल 13 सितंबर को एक एनकाउंटर में सिक्योरिटी फोर्सेस के 3 अफसर शहीद हुए थे।

मारे गए आतंकी द रेजिस्टेंस फ्रंट से थे

आतंकी संगठना द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) लश्कर-ए-तैयबा की एक ब्रांच है। ऐसा माना जाता है कि इस संगठन का जन्म 2019 में जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 के हटने का बाद हुआ। द रेजिस्टेंस फ्रंट नाम रखने का मकसद इस संगठन को लोगों के आंदोलन के तौर पर दिखाना है। इसके अलावा इस नाम का मकसद फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स यानी FATF की नजरों से भी बचना है। ये संगठन युवाओं की ऑनलाइन भर्ती कर आतंकवाद फैलाता है। पाकिस्तान से भारत में घुसपैठ, हथियार और नारकोटिक्स की सप्लाई भी करता है।

गृह मंत्रालय ने एक रिपोर्ट में कहा कि TRF ऑनलाइन साइकोलॉजिकल ऑपरेशन चलाता है। इसके जरिए वो जम्मू-कश्मीर के लोगों को आतंकवादी संगठनों में शामिल होने और भारत सरकार के खिलाफ लड़ाई के लिए भड़काता है।