नई दिल्ली । प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि (पीएम-स्वनिधि) योजना के तहत रेहड़ी-पटरी वालों को दिए गए कर्ज में सिर्फ 12-13 प्रतिशत गैर-निष्पादित आस्ति (एनपीए) बना है। केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के मंत्री हरदीप सिंह पुरी से यह जानकारी ‎मिली।

इस योजना के तहत एक साल के 10,000 रुपए का गारंटी-मुक्त कर्ज दिया जाता है। कारोबार बढ़ाने को लिए गए पहले कर्ज का भुगतान करने पर दूसरी और तीसरी बार में योजना के तहत क्रमश: 20,000 और 50,000 रुपए का कर्ज दिया जाता है। मंत्रालय ने कहा कि इस योजना के तहत अब तक 53.7 लाख आवेदन मिले हैं।

इनमें से 36.6 लाख आवेदनों को मंजूरी दी गई है और 33.2 लाख को कर्ज का वितरण कर दिया गया है। बयान में कहा गया है कि योजना के तहत अब तक 3,592 करोड़ रुपए की राशि वितरित की गई है। 12 लाख रेहड़ी-पटरी वालों ने अपने पहले कर्ज का भुगतान कर दिया है।