सीआर केसवन ने अपनी चिट्टी में लिखा कहा कि वह अब खुद को पार्टी से नहीं जोड़ पा रहे हैं।

इस साल के विधानसभा चुनावों और 2024 के लोकसभा चुनावों से पहले कांग्रेस को तगड़ा झटका लगा है। कांग्रेस नेता और देश के पहले भारतीय गवर्नर-जनरल सी राजगोपालाचारी के प्रपौत्र सी आर केसवन ने गुरुवार सुबह पार्टी से इस्तीफे की घोषणा कर दी।

सीआर केसवन ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को अपना इस्तीफा सौंप दिया। साथ ही इस पत्र को सोशल मीडिया पर भी शेयर कर दिया। चिट्ठी में उन्होंने पार्टी छोड़ने की वजहें गिनाईं।

सीआर केसवन ने क्योंं छोड़ी कांग्रेस

सीआर केसवन ने अपनी चिट्टी में लिखा कहा कि वह अब खुद को पार्टी से नहीं जोड़ पा रहे हैं। कांग्रेस के नेता सर्जिकल स्ट्राइक के सबूत मांगते हैं। यही कारण है कि उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी जिम्मेदारी से इनकार कर दिया और भारत जोड़ो यात्रा में भाग लेने से भी परहेज किया।

केसवन ने लिखा, , ‘मुझे यह कहते हुए वास्तव में दुख हो रहा है कि पिछले कुछ समय से मुझे पार्टी में वे नैतिक मूल्य नजर नहीं आ रहे, जिन्होंने मुझे पार्टी के लिए समर्पण के साथ दो दशकों से काम करने के लिए प्रेरित किया था। मैं अब यह नहीं कह सकता कि मैं पार्टी की किस बात से सहमत हूं। यही कारण है कि मैंने कोई बड़ी जिम्मेदारी भी नहीं ली’

सबसे पुरानी पार्टी को अलविदा कहते हुए उन्होंने लिखा, ‘यह मेरे लिए एक नया रास्ता तय करने का समय है और इसलिए मैं तत्काल प्रभाव से कांग्रेस पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देता हूं। मेरे किसी अन्य पार्टी में जाने की अटकलें लगाई जाएंगी लेकिन सीधे तौर पर बता दूं, मैंने किसी से बात नहीं की है और ईमानदारी से कहूं तो नहीं जानता कि आगे क्या होगा।’

केसवन ने पत्र में लिखा था, ‘सरकार और संगठन में वर्षों से मुझे सौंपी गई सभी जिम्मेदारियों के लिए मैं पार्टी और सोनिया गांधी जी को ईमानदारी से धन्यवाद देता हूं।’