आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : पंजाब के किसान-मजदूर दिल्ली में होने जा रहे G-20 शिखर सम्मेलन के विरोध में आज प्रदर्शन कर रहे हैं। किसानों का गुस्सा केंद्र सरकार के खिलाफ है। किसान नेताओं का कहना है कि केंद्र सरकार की देश विरोधी नीतियां देश को गुलामी की तरफ ले जा रही हैं। पंजाब में 90 स्थानों पर पुतले फूंके जा रहे हैं।
किसानों का कहना है कि जो राष्ट्र इस सम्मेलन में शामिल हो रहे हैं जिनका दुनिया के 75 प्रतिशत आर्थिक स्रोतों पर कब्जा है, वह भारत में भी हवाई मार्ग से लेकर समुद्री मार्ग, पानी, खनन इत्यादि पर कब्जा करना चाहते हैं। दूरसंचार, रेलवे तो पहले ही बिक चुके हैं। उन्होंने कहा यह सब की केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार की वजह से होने जा रहा है।
पंधेर बोले- केंद्र सरकार की नीतियां देश विरोधी
पंजाब मजदूर संघर्ष कमेटी के सरवण सिंह पंधेर ने कहा कि केंद्र सरकार की नीतियां देश विरोधी हैं। इसलिए आज G-20 शिखर सम्मेलन का विरोध 16 किसान जत्थेबंदियों द्वारा सिर्फ पंजाब ही नहीं बल्कि उत्तरी भारत में किया जा रहा है। पंधेर ने कहा कि जब दिल्ली में किसान आंदोलन रहा था तो केंद्र सरकार कहती थी लोगों को दिक्कत हो रही है।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने अब दिल्ली में तीन दिन के लिए लॉकडाउन लगा दिया। लोगों को सड़कों पर आने नहीं दिया जा रहा है। गरीबों की बस्तियों का आगे बड़े-पर्दे लगाकर उन्हें पीछे छुपा दिया गया है। केंद्र सरकार बताए कि उनके इस कृत्य से अब लोगों को परेशानी नहीं हो रही।
16 किसान जत्थेबंदियों का प्रदर्शन
किसानों नेताओं का कहना है कि पंजाब के 13 जिलों में 16 किसान जत्थेबंदियों द्वारा रोष प्रदर्शन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि यह प्रदर्शन 13 जिलों को सभी जोनों में हो रहा है। किसान-मजदूर इकट्ठा होकर अपने-अपने जोन में केंद्र सरकार का पुतला फूंक कर प्रदर्शन कर रहे हैं।
संगठनों ने चंडीगढ़ कूच भी किया था
बता दें कि किसानों के यह वही संगठन हैं जिन्होंने पिछले दिनों 21 अगस्त को चंडीगढ़ के लिए कूच भी किया था। पुलिस ने किसानों को रोकने के लिए जहां कई जगह लाठीचार्ज किया था। वहीं पर कई किसानों को घरों में ही नजरबंद कर दिया था कई किसान गिरफ्तार कर जेल में बंद कर दिए थे।