आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : काशी, अयोध्या के बाद अब मथुरा में 505 करोड़ रुपए की लागत से भव्य कॉरिडोर बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। ब्रज तीर्थ विकास परिषद ने कार्य योजना की विस्तृत रूपरेखा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने पेश की।
मुख्यमंत्री ने इसमें कुछ सुधार के निर्देश दिए। सुधार के बाद जल्द ही इस योजना को इलाहाबाद हाईकोर्ट के सामने पेश किया जाएगा। योगी सरकार की कोशिश है कि अदालत की मंजूरी मिलने पर इसी वर्ष कॉरिडोर का निर्माण शुरू हो जाएगा। इस मामले में अगली सुनवाई 18 सितंबर को है।
उल्लेखनीय है कि बीते साल जन्माष्टमी पर भीड़ में दबने से दो श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी। इसके बाद एक याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से कॉरिडोर बनाने की योजना पेश करने को कहा था।
505 करोड़ की लागत से बनेगा भव्य कॉरिडोर
इसके बाद एक याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से कॉरिडोर बनाने की योजना पेश करने को कहा था। 22,800 वर्ग मीटर में प्रस्तावित इस कॉरिडोर से बांके बिहारी के दर्शन में कम समय लगेगा। भीड़ प्रबंधन में सहूलियत होगी।
अभी एक बार में 800 श्रद्धालु ही दर्शन कर पाते हैं। कॉरिडोर बनने के बाद यह क्षमता बढ़कर 5 हजार हो जाएगी। राज्य में 2022-23 में वाराणसी के बाद सबसे अधिक 6.52 करोड़ धार्मिक पर्यटक मथुरा आए थे।
सामान्य दिनों में प्रति घंटे 2600 और दिन भर में 15 हजार श्रद्धालु पहुंचते हैं। वहीं, त्योहारों में रोजाना 50 हजार श्रद्धालु पहुंचते हैं। संकरे रास्ते, ठहरने और प्रसाधन सुविधाओं के अभाव से श्रद्धालुओं को दिक्कतें आती हैं।
1868 में सिर्फ 70 हजार में तैयार हुआ था बांके बिहारी मंदिर
भगवान बांके बिहारी के वर्तमान मंदिर को संवत 1826 में स्थापित किया गया था। उस समय मंदिर बहुत छोटा था। धीरे-धीरे एक भव्य विशाल मंदिर की जरूरत महसूस हुई, जिसके लिए मंदिर के गोस्वामियों ने धन एकत्र करना शुरू किया। संवत 1921 यानी सन 1868 में वर्तमान मंदिर बन कर तैयार हुआ। उस समय इसके निर्माण पर 70 हजार लागत आई थी।
1500 गज में बना हुआ है बांके बिहारी मंदिर
बांके बिहारी मंदिर करीब 1500 गज में बना हुआ है। 4 भागों में बने इस मंदिर में गर्भ गृह, जगमोहन, आंगन और भंडार घर है। जगमोहन और आंगन में खड़े होकर श्रद्धालु भगवान के दर्शन करते हैं। आंगन करीब 2300 फीट का है और पीछे का हिस्सा 600 फीट में बना है। इसके अलावा करीब 400 गज में एक अर्ध निर्मित हॉल बना हुआ है।
अयोध्या में राम लला की मूर्ति का निर्माण शुरू:जनवरी 2024 में गर्भगृह में मूर्ति स्थापित होगी, 35 फीट दूर से दर्शन होंगे | अयोध्या में बन रहे राम मंदिर के गर्भगृह में स्थापित होने वाली भगवान राम की मूर्ति का निर्माण कार्य शुरु हो गया है। जनवरी 2024 में मकर संक्रांति पर गर्भगृह में यह मूर्ति स्थापित होगी। भक्तों को मूर्ति के 35 फीट दूर से दर्शन हो सकेंगे। रामनवमी के दिन सूर्य की किरणें गर्भगृह में रामलला के ललाट को छुएंगी। इसके लिए खगोलशास्त्र और भौतिकी विज्ञान के विशेषज्ञों की एक टीम बनाई गई है।