आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : BJP के पूर्व सीएम कल्याण सिंह को श्रद्धांजलि देने के लिए आज अलीगढ़ में दिग्गज जुटे हैं। कल्याण सिंह की दूसरी पुण्यतिथि को गौरव दिवस की तरह मनाया जा रहा है। गृहमंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार दोपहर तक अलीगढ़ पहुंच चुके हैं। राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे भी मंच पर आ गई हैं।

दरअसल, इसके जरिए BJP 2019 के लोकसभा चुनाव में हारी हुई पश्चिम यूपी की 6 सीटों पर फोकस कर रही है। यहां लोधी समाज के सबसे बड़े नेता रहे कल्याण सिंह के जरिए लोधी वोटर्स में पैठ और गहरी करने की कोशिश होगी।

सबसे पहले अमित शाह और योगी के आज का कार्यक्रम जानिए…

फर्स्ट लेयर की सिक्योरिटी NSG कमांडो के हवाले लिए अलीगढ़ और बुलंदशहर की रिजर्व पुलिस फोर्स बुला ली गई है।

इसके अतिरिक्त PAC, केंद्रीय बल, CRPF के 3000 से ज्यादा जवान तैनात किए गए हैं। केंद्रीय मंत्रियों के साथ सुरक्षा एजेंसी और NSG कमांडो की टीम भी मौजूद रहेगी। जो फर्स्ट लेयर की सिक्योरिटी संभालेगी। फर्स्ट लेयर तक किसी को भी पहुंचने की अनुमति नहीं रहेगी। जिन जनप्रतिनिधियों के नाम पहले से सूची में शामिल हैं, उन्हें ही मंच पर जगह मिलेगी।

अब आपको BJP के बड़े आयोजन के पीछे की पॉलिटिक्स बताते हैं…

पश्चिमी यूपी में हार का प्रतिशत था ज्यादा। इसमें से 7 सीटें पश्चिमी उत्तर प्रदेश की थी।

मुरादाबाद मंडल की सभी 6 सीटें, जिसमें मुरादाबाद, नगीना, बिजनौर, रामपुर, अमरोहा और संभल शामिल हैं, इनमें भाजपा को हार का सामना करना पड़ा था। वहीं, सहारनपुर में भी भाजपा लोकसभा का चुनाव हार गई थी। हालांकि 2022 में रामपुर में हुए उपचुनाव में यह सीट भाजपा के खाते में आ गई थी।

जाटलैंड को पहले साध चुकी है भाजपा

पश्चिमी उत्तर प्रदेश के ज्यादातर जिले जाट बाहुल्य क्षेत्र में गिने जाते हैं। इसमें अलीगढ़ के साथ आगरा, मथुरा, बुलंदशहर, मेरठ, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, मुरादाबार, सहारनपुर, बरेली और बदायूं में जाट वोटरों की संख्या काफी ज्यादा है। ऐसे में भाजपा ने जाट वोटरों को साधने के लिए भूपेंद्र सिंह चौधरी को पहले ही प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी थी।