आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : देश में लोकसभा चुनाव समय से पहले या बाद में करवाने का सरकार का कोई इरादा नहीं है। यह बात केंद्रीय सूचना प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने रविवार देर रात एक इंटरव्यू में कहा। ठाकुर ने कहा, ‘आम चुनाव समय से पहले या बाद में करवाने का सरकार का कोई इरादा नहीं है।’
उन्होंने कहा, ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने कार्यकाल के आखिरी दिन तक देश और जनता की सेवा करना चाहते हैं। भाजपा लंबे समय से एक चुनाव के समर्थन में है। इससे समय-धन बचेगा। इसका इस्तेमाल गरीबों के लिए, देश के विकास के लिए हो सकता है।’
दरअसल, संसद का विशेष सत्र बुलाने और एक देश-एक चुनाव पर उच्च स्तरीय समिति के गठन के बाद ऐसी अटकलें बढ़ गईं कि लोकसभा चुनाव समय से पहले हो सकते हैं।
वहीं, एक देश- एक चुनाव पर रामनाथ कोविंद कमेटी ने अधिसूचना जारी होने के अगले ही दिन इस पर काम शुरू कर दिया है। सूत्रों के मुताबिक, केंद्रीय कानून मंत्रालय के टॉप ऑफिसर्स ने रविवार को पूर्व राष्ट्रपति कोविंद से मुलाकात कर उन्हें एक देश-एक चुनाव के मसले पर ब्रीफिंग दी है। केंद्रीय कानून सचिव और इस कमेटी के सचिव नितेन चंद्रा, विधायी सचिव रीता वशिष्ठ और अन्य ने भी कोविंद से इसे लेकर मुलाकात की है।
एक देश-एक चुनाव पर विपक्षी नेताओं की प्रतिक्रिया…
- राहुल ने कहा – वन नेशन-वन इलेक्शन का आइडिया संघ और राज्यों पर हमला
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने एक्स (जो पहले ट्विटर था) पर लिखा कि मोदी सरकार चाहती है कि लोकतांत्रिक भारत धीरे-धीरे तानाशाही में तब्दील हो जाए। ‘वन नेशन वन इलेक्शन’ पर कमेटी बनाने की यह नौटंकी भारत के संघीय ढांचे को खत्म करने का हथकंडा है। 2024 में लोगों के पास ‘वन नेशन वन सॉल्यूशन’ है- भाजपा के कुशासन से छुटकारा पाना।
वहीं, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि देश के लिए क्या जरूरी है? वन नेशन वन इलेक्शन या वन नेशन वन एजुकेशन (अमीर हो या गरीब, सबको एक जैसी अच्छी शिक्षा), वन नेशन वन इलाज (अमीर हो या गरीब, सबको एक जैसा अच्छा इलाज), आम आदमी को वन नेशन वन इलेक्शन से क्या मिलेगा?
एक देश-एक चुनाव कमेटी में 8 सदस्य, अधीर रंजन और गुलाम नबी का भी नाम
एक देश-एक चुनाव के लिए पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता में बनाई गई समिति के लिए सरकार ने 2 सितंबर को आठ सदस्यों का नाम जारी किया था।