सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ Global markets : दक्षिणी ईरान में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के बाद मंगलवार को वैश्विक बाजारों में मिला-जुला रुख दिखा। एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्ट के अनुसार अमेरिकी सेना ने इसे आत्मरक्षा में की गई कार्रवाई बताया और कहा कि निशाने पर मिसाइल लॉन्च साइट तथा समुद्री खदान बिछाने में शामिल नावें थीं।

यह कार्रवाई ऐसे समय हुई जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि युद्ध खत्म कराने से जुड़ी बातचीत आगे बढ़ रही है। सैन्य जोखिम और बातचीत की उम्मीद, दोनों संकेतों ने एशिया और यूरोप के निवेशकों को सतर्क रखा।

अमेरिकी वायदा बाजार ऊपर रहे, लेकिन व्यापक बाजार की तस्वीर असमान रही। कारोबारियों की नजर ऊर्जा कीमतों पर रही क्योंकि होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास किसी भी बाधा का असर कच्चे तेल की आपूर्ति और वैश्विक परिवहन लागत पर पड़ सकता है।

अमेरिकी हमलों के बाद तेल और बाजार अस्थिर रहे
अमेरिकी हमलों के बाद तेल और बाजार अस्थिर रहे

ब्रेंट कच्चा तेल मजबूत रहा, लेकिन 100 डॉलर के अहम स्तर से नीचे कारोबार करता दिखा। वहीं अमेरिकी बेंचमार्क में अलग दिशा की चाल रही। विश्लेषकों का कहना है कि सुरक्षा स्थिति और बातचीत पर स्पष्टता आने तक तेल कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।

एशियाई बाजारों में भी मिश्रित कारोबार रहा। निवेशक संभावित आपूर्ति दबाव और गहरे तनाव से बचने की उम्मीद, दोनों को साथ-साथ तौलते रहे। वाशिंगटन और तेहरान से आने वाले हर बयान पर मुद्रा और शेयर बाजार तेजी से प्रतिक्रिया दे रहे हैं।

अमेरिकी हमलों के बाद तेल और बाजार अस्थिर रहे
अमेरिकी हमलों के बाद तेल और बाजार अस्थिर रहे photo 3

भारत जैसे ऊर्जा आयातक देशों के लिए मुख्य चिंता यह है कि समुद्री परिवहन भरोसा और कच्चे तेल की कीमतें स्थिर रहें। तेल महंगा होने पर ईंधन, परिवहन और महंगाई की उम्मीदों पर असर जल्दी दिखाई दे सकता है।

इस रिपोर्ट में इस्तेमाल तस्वीरें संदर्भ के लिए प्रतिनिधि आर्काइव फोटो हैं, जिनसे होर्मुज जलडमरूमध्य और अंतरराष्ट्रीय बाजारों की पृष्ठभूमि समझाई गई है।