आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : केंद्र द्वारा सब्सिडी घटाने के बाद जून के पहले पखवाड़े में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बाजार सुस्त पड़ गया। 15 जून तक इलेक्ट्रिक दोपहिया (ई2डब्ल्यू) की रोजाना औसत बिक्री मई के मुकाबले 62.6% घट गई है। हालांकि, इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर की बिक्री 25.5% और इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री 16.1% बढ़ गई।
सरकारी पोर्ट वाहन के मुताबिक, मई में रोजाना औसतन 3,395 ई-दोपहिया बिके थे। जून के पहले पखवाड़े में ये संख्या 1,271 रह गई। बीते माह कुल बिके दोपहिया में ई2डब्ल्यू की हिस्सेदारी 7.7% थी, जो इस माह घटकर 2.6% रह गई।
दाम बढ़ने से कम आकर्षक हुए EV
एसएंडपी ग्लोबल के डायरेक्टर पुनीत गुप्ता ने कहा, ‘सब्सिडी घटने के बाद ज्यादातर कंपनियों ने जून के पहले सप्ताह में वाहनों की कीमतें बढ़ा दीं। इससे ग्रीन वाहनों और पेट्रोल गाडियों की कीमतों का अंतर बढ़ गया। इससे इलेक्ट्रिक वाहन कम आकर्षक हो गए।’
…पर ई-कारों की डिमांड बरकरार, रोजाना औसत बिक्री 16% बढ़ी
इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर की सब्सिडी 15,000 से घटाकर ₹10,000 प्रति किलोवॉट हुई
केंद्र सरकार ने 1 जून से इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर पर सब्सिडी 15,000 से घटाकर 10,000 रुपए प्रति किलोवॉट कर दिया है। एक्स-फैक्ट्री मूल्य की अधिकतम सब्सिडी कैप 40% को भी घटाकर 15% कर दिया गया है। सरकार ने यह कदम इसलिए उठाया है, क्योंकि इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर की सब्सिडी के लिए जितना पैसा रखा गया था, वह खत्म होने वाला है।
कुल बजट की 80% राशि 10 लाख लोगों को दी जा चुकी है। वर्तमान में, ईवी निर्माताओं को 17,000 से 66,000 रुपए तक प्रति टू-व्हीलर सब्सिडी दी जा रही है। नई अधिसूचना के बाद यह घटकर 15,000 से 20,000 रुपए रह जाएगी। लॉन्चिंग के समय फैम-2 के तहत 10,000 रुपए/किलोवॉटऑवर का प्रावधान था। बाद में इसे बढ़ाकर 15,000 रुपए कर दिया गया था।
सरकार ने जितना पैसा रखा, उसका 80% खर्च
सरकार ने फेम-2 योजना अप्रैल 2019 में लॉन्च की थी। पांच साल के लिए थी। मार्च 24 में खत्म होनी है।
योजना का कुल बजट 10,000 करोड़ रुपए था। हर साल 2000 करोड़ रुपए सब्सिडी देनी थी। फरवरी 2023 में पेश बजट में राशि बढ़ाकर 5,172 करोड़ रुपए कर दी थी। अब तक 3,889.94 खर्च हो चुके हैं।
4 मार्च 2023 तक देश में 9,75,000 इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बेचे गए हैं। इनमें से 65% वित्त वर्ष 2022-23 में बिके।
वित्त वर्ष 2023 में जितनी ईवी बिकीं, उनमें इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर का योगदान 60% से अधिक है।
क्या है फेम-2 योजना?