आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/ आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को वर्ल्ड बैंक के प्रोग्राम में क्लाइमेट चेंज पर मैसेज दिया। उन्होंने कहा कि क्लाइमेट चेंज की लड़ाई कॉन्फ्रेंस टेबल से नहीं लड़ी जा सकती है। इस पर हो रही चर्चाओं को लोगों के घरों में उनके डिनर टेबल तक पहुंचाना होगा। उन्होंने सभी लोगों से जलवायु परिवर्तन के खिलाफ लड़ाई में शामिल होने की अपील की है।
वर्ल्ड बैंक की क्लाइमेट चेंज पर हो रही चर्चा में पीएम मोदी ने भारत के ‘लाइफ’ मिशन को अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि हमें सबसे पहले अपने लाइफ स्टाइल में बदलाव करना होगा। क्लाइमेट चेंज की लड़ाई में केवल सरकारें ही नहीं लोग भी अपनी भागीदारी निभा सकते हैं।
LED के इस्तेमाल से कम होगा 30 मिलियन टन कार्बन का उत्सर्जन
पीएम मोदी ने अपने भाषण में कहा कि ‘लाइफ’ मिशन के तहत LED का इस्तेमाल कर हम 39 मिलियन टन कार्बन उत्सर्जन होने से रोक सकते हैं। प्राकृतिक खेती कर, कचरा कम कर और हेल्थी लाइफ स्टाइल अपनाने से 22 बिलियन युनिट ऊर्जा को बचाया जा सकता है। इससे 9 ट्रिलियन पानी की बचत होगी।
क्लाइमेट फाइनेंस को बढ़ाएगा वर्ल्ड बैंक
क्लाइमेट चेंज से निपटने के लिए वर्ल्ड बैंक क्लाइमेट फाइनेंस को 26% से बढ़ाकर 35% करने वाला है। भारतीय मूल के अजय बांगा वर्ल्ड बैंक के अध्यक्ष बनने वाले हैं। उनके सामने क्लाइमेट चेंज से निपटने के लिए देशों को फंड देने की बड़ी चुनौति है। फॉरेन पॉलिसी की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका जैसे विकसित देश वर्ल्ड बैंक की फंडिंग को क्लाइमेट चेंज की तरफ डायवर्ट करने की मांग कर रहे हैं।
जबकि विकासशील देश अपने डेवलेपमेंट यानी विकास से जुड़े प्रोग्राम को फंड करने पर जोर देने पर कायम हैं। वहीं, बैंक के पास दोनों ही कामों के लिए पर्याप्त मात्रा में पैसा नहीं है। एक अनुमान के मुताबिक क्लाइमेट चेंज पर पेरिस एग्रीमेंट के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए वर्ल्ड बैंक रो 2030 तक हर साल 2.5 ट्रिलियन यानी 204 लाख करोड़ रुपए देने होंगे।