आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : 19 मार्च को लंदन स्थित इंडियन हाई कमीशन पर हमला करने वाले खालिस्तान समर्थकों में से कुछ आरोपियों की पहचान कर ली गई है। NIA ने बुधवार को 45 आरोपियों की तस्वीरें जारी की हैं। एक लुकऑट नोटिस भी जारी किया गया है।

लोगों से अपील की गई है कि वो तस्वीरों में नजर आ रहे लोगों की पहचान में मदद करें। इसके लिए एक वॉट्सएप नंबर भी जारी किया है। सोमवार को NIA ने हमले को लेकर 2 घंटे के वीडियो फुटेज जारी किए थे।

वहीं, खालिस्तान लिबरेशन फोर्स (KLF) के लंदन के चीफ अवतार सिंह खांडा की हालत नाजुक है। उसे लंदन के अस्पताल में लाइफ सपोर्ट पर रखा गया है। सूत्रों के मुताबिक, उसे किसी ने जहर दिया है।

मार्च में खांडा को गिरफ्तार किया गया था

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मार्च में खांडा को इंडियन हाई कमीशन के बाहर लहरा रहे तिरंगे को उतारने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। ‘वारिस पंजाब दे’ संगठन के चीफ अमृतपाल सिंह को 37 दिनों तक पुलिस के चंगुल से बचाने में खांडा का अहम रोल रहा था।

बम बनाने में माहिर खांडा का जन्म पंजाब के मोगा जिले में हुआ था। उसका पूरा परिवार खालिस्तान आंदोलन से जुड़ा हुआ है। खांडा को खालिस्तानी आतंकी जगतार सिंह तारा और परमजीत सिंह पम्मा का करीबी माना जाता है।

हमले को लेकर फॉरेन मिनिस्ट्री ने होम मिनिस्ट्री से जांच में मदद मांगी थी

इंडियन हाई कमीशन पर हुए हमले का आरोप ब्रिटेन में मौजूद खालिस्तान समर्थकों पर लगा था। इन लोगों ने हाईकमीशन पर लगा हमारा नेशनल फ्लैग भी उतार दिया था। इस मामले की जांच के लिए फॉरेन मिनिस्ट्री ने होम मिनिस्ट्री से जांच में मदद मांगी थी। तब यह मामला NIA को सौंपा गया था।

12 जून को NIA ने CCTV फुटेज का पैकेज जारी किया था

NIA ने सोमवार यानी 12 जून को जो वीडियो फुटेज जारी किए थे, उनमें खालिस्तानी समर्थक नजर आ रहे हैं। ये फुटेज ऐंबैसी और उसके आसपास लगे तमाम CCTVs से जुटाए गए हैं। कुल 2 घंटे के इन फुटेज में वो आरोपी भी नजर आ रहा है, जिसने हाई कमीशन पर लगा फ्लैग उतारने की कोशिश की थी। इन्हीं लोगों ने हाई कमीशन में तोड़फोड़ की भी कोशिश की थी।

फुटेज के साथ जांच एजेंसी ने एक वॉट्सएप नंबर (+91 7290009373) भी जारी किया था। इसके साथ जारी बयान में जांच एजेंसी ने कहा- आम लोगों से अपील है कि वो फुटेज में नजर आ रहे लोगों की पहचान में हमारी मदद करें। मददगारों की पहचान उजागर नहीं की जाएगी।

19 मार्च को इंडियन हाई कमीशन पर हमले और हंगामे के बाद भारत ने सख्त रुख अपनाया था। बाद में ब्रिटिश पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार भी किया था। भारत में मौजूद ब्रिटिश हाई कमिश्नर एलेक्स एलिस ने घटना को अफसोसनाक बताया था।