आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : सीरिया में बुधवार को रूस के 3 लड़ाकू विमानों ने अमेरिका के 3 MQ-9 ड्रोन्स को इंटरसेप्ट किया। अमेरिकी एयरफोर्स के मुताबिक, रूस के सिखोई-35 फायटर जेट्स ने ड्रोन्स के सामने पैराशूट से शेल्स दागने शुरू कर दिए, जिससे उनका फ्रंट व्यू ब्लॉक होने लगा। इसके बाद उन्हें अपना रास्ता बदलना पड़ा। न्यूज एजेंसी AP के मुताबिक, अमेरिका ने कहा है कि उनके ड्रोन्स सीरिया में ISIS के ठिकानों की निगरानी कर रहे थे।
अमेरिकी वायु सेना के लेफ्टिनेंट जनरल एलेक्स ग्रिनकेविच ने रूस की इस हरकत को गैर-जिम्मेदाराना और असुरक्षित बताया है। US सेंट्रल कमांड ने घटना का एक वीडियो भी रिलीज किया है। इसे ड्रोन के अंदर से रिकॉर्ड किया गया है। वीडियो में नजर आ रहा है कि कैसे रूसी फाइटर जेट्स अमेरिका के MQ-9 ड्रोन्स के बेहद पास उड़ान भर रहे हैं।
ड्रोन के ठीक सामने आया लड़ाकू विमान
इसी दौरान एक फाइटर जेट ड्रोन के ठीक सामने आकर अपने आफ्टरबर्नर को एक्टिवेट कर देता है, जिससे उसकी स्पीड और प्रेशर बढ़ जाता है। इसकी वजह से ड्रोन ऑपरेटर को उसे उड़ाने में काफी दिक्कत होने लगती है।
जनरल ग्रिनकेविच ने कहा- हमारे ड्रोन सुबह करीब 10:40 पर क्षेत्र में एक मिशन के तहत निगरानी कर रहे थे, तभी रूस के लड़ाकू विमान उन्हें परेशान करने लगे। हम रूस से सीरिया में इस तरह की लापरवाही को रोकने की अपील करते हैं और उम्मीद करते हैं कि भविष्य में रूस की एयरफोर्स ISIS को हराने के मिशन के लिए इंटरनेशनल स्टैंडर्ड्स का पालन करेगी।
सीरिया में तैनात अमेरिका की 900 फोर्स
सीरिया में अमेरिका और रूस दोनों की आर्मी अक्सर ऑपरेशन चलाती रहती हैं। अमेरिका की करीब 900 फोर्सेज सीरिया में इस्लामिक स्टेट के आतंकवादियों से लड़ने के लिए कुर्द नेतृत्व वाली सीरियाई डेमोक्रेटिक फोर्स के साथ काम करने के लिए तैनात हैं। वहीं रूस की सेना सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल-असद के समर्थन में वहां मौजूद हैं।
मार्च में ब्लैक सी के ऊपर सुखोई ने अमेरिकी ड्रोन पर हमला किया था
इससे पहले मार्च में रूस-यूक्रेन बॉर्डर के करीब रूस के सुखोई फाइटर जेट ने अमेरिका के एडवांस्ड रीपर ड्रोन पर हमला किया था। ब्लैक सी के ऊपर अमेरिकी ड्रोन MQ-9 रीपर सर्विलांस कर रहा था। रूस के दो Su-27 ने इस रीपर को 40 मिनट तक घेरकर उस पर फ्यूल गिराया था। ये फ्यूल रीपर के प्रोपेलर में पहुंचा और ड्रोन कुछ देर बाद ब्लैक सी में क्रैश हो गया था।
इस घटना के बाद दोनों देशों के बीच टकराव बढ़ गया था। US एयरफोर्स के जनरल जेम्स हैकर ने रूस की हरकत को बेहद गैरजिम्मेदार और भड़काऊ बताया था।