आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/ आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : रूसी रक्षा मंत्रालय ने कहा कि अमेरिकी ड्रोन उसके विमानों के उड़ान कौशल की वजह से क्रैश हुआ है।
रूस और अमेरिका के बीच एक बार फिर से तनाव बढ़ता दिख रहा है। 14 मार्च को काला सागर में अमेरिका के एमक्यू-9 रीपर सर्विलांस ड्रोन को क्रैश को लेकर अमेरिका और रूस में ठन गई है और अमेरिका ने रूस को खुली चुनौती दी है। अमेरिकी सीनेटर चक शूमर ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से कहा है कि दोनों देशों के बीच में तनाव बढ़े, उससे पहले उन्हें अपने व्यवहार को रोक लेना चाहिए।
गौरतलब है कि कि पेंटागन ने मंगलवार को कहा कि अमेरिकी सेना को अपने एमक्यू-9 रीपर सर्विलांस ड्रोन को क्रैश करने के लिए मजबूर होना पड़ा, क्योंकि यह एक रूसी जेट से टकराकर क्षतिग्रस्त हो गया था। ब्रिगेडियर जनरल पैट राइडर ने भी कहा कि रूसी फाइटर जेट से टकराने के बाद ड्रोन को काफी नुकसान हुआ था और इसके आगे उड़ने की संभावना कम ही थी। इस कारण से ड्रोन को काला सागर में दुर्घटनाग्रस्त करना पड़ा।
ये है पूरा मामला
अमेरिकी सेना के यूरोपीय कमान ने मंगलवार को ही बताया था कि काला सागर के ऊपर एक रूसी एसयू-27 लड़ाकू विमान अमेरिकी एमक्यू-9 रीपर ड्रोन से टकरा गया। ये घटना तब हुई जब अमेरिका का रीपर ड्रोन और रूस के दो फाइटर जेट SU-27 काला सागर के ऊपर अंतरराष्ट्रीय जल सीमा में चक्कर लगा रहे थे। अमेरिकी वायु सेना के जनरल जेम्स हेकर ने बताया कि एमक्यू-9 इंटरनेशनल एयर स्पेस में नियमित ऑपरेट कर रहा था, इसी दौरान एक रूसी विमान टकरा गया, जिससे ड्रोन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। अमेरिका रक्षा मंत्रालय पेंटागन की ओर से भी जानकारी दी गई है कि 1 वर्ष पहले यूक्रेन पर रूसी आक्रमण के बाद से यह इस तरह की पहली घटना है।
रूसी रक्षा मंत्रालय ने दी ये सफाई
रूसी रक्षा मंत्रालय ने कहा कि अमेरिकी ड्रोन उसके विमानों के उड़ान कौशल की वजह से क्रैश हुआ है। रूस ने अमेरिका के दावे से भी इनकार किया कि फाइटर जेट से टकराने के कारण ड्रोन क्षतिग्रस्त हुआ है।