आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : राज्यसभा में सोमवार को 11 बजे कार्यवाही शुरू हुई। भाजपा के राज्यसभा सांसद घनश्याम तिवारी ने सदन में राजस्थान के मुद्दों पर चर्चा करने की मांग की। इसके बाद कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने मणिपुर पर चर्चा करने की मांग की।

इस पर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि हम पहले दिन से मणिपुर के मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार हैं। अब राजस्थान पर भी चर्चा होनी चाहिए। इसके बाद सदन में हंगामा बढ़ा तो राज्यसभा को 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया।

आज राज्यसभा में पेश होगा दिल्ली सर्विस बिल

केंद्र सरकार आज राज्यसभा में दिल्ली सर्विस बिल पेश करेगी। लोकसभा में इसे 3 अगस्त को पेश किया गया था और इसी दिन पास भी कर दिया गया। सूत्रों के मुताबिक, राज्यसभा में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह दिल्ली सर्विस बिल को पेश करेंगे।

कांग्रेस सांसद अभिषेक मनु सिंघवी विपक्ष की तरफ से चर्चा की शुरुआत कर सकते हैं। सिंघवी ने ही सुप्रीम कोर्ट में दिल्ली में प्रशासनिक सेवाओं पर नियंत्रण को लेकर केजरीवाल सरकार की तरफ से पैरवी की थी।

विपक्षी दलों के गठबंधन I.N.D.I.A के सांसद इस बिल का विरोध करेंगे। NDA, बीजू जनता दल और YSR कांग्रेस के सांसद इस बिल का समर्थन करेंगे। इन दोनों पार्टियों के समर्थन से बिल राज्यसभा में पास हो सकता है।

AAP और कांग्रेस ने जारी किया व्हिप

कांग्रेस और AAP ने अपने सांसदों को राज्यसभा में मौजूद रहने के लिए व्हिप जारी किया है। वहीं, AAP सांसद राघव चड्ढा, कांग्रेस सांसद जेबी माथेर और नसीर हुसैन ने राज्यसभा में मणिपुर मुद्दे पर चर्चा करने के लिए रुल 267 के तहत नोटिस दिया है।

SC के फैसले को पलटने के लिए लाया गया अध्यादेश

11 मई 2023 को सुप्रीम कोर्ट में 5 जजों की संविधान पीठ ने अफसरों पर कंट्रोल का अधिकार दिल्ली सरकार को दिया था। साथ ही कहा कि उपराज्यपाल सरकार की सलाह पर ही काम करेंगे।

एक हफ्ते बाद 19 मई को केंद्र सरकार ने अध्यादेश लाकर इस फैसले को बदल दिया और ट्रांसफर-पोस्टिंग का अधिकार राज्यपाल को दे दिया। दिल्ली सर्विस बिल इसी अध्यादेश की जगह लेगा।

केंद्र ने केजरीवाल के साथ फिर खेल कर दिया: दिल्ली में अधिकारियों की ट्रांसफर-पोस्टिंग वाले बिल में बदलाव, नए नियम समझिए

केंद्र सरकार ने दिल्ली सर्विस ऑर्डिनेंस बिल में क्या बदलाव किए हैं। क्या इससे दिल्ली सरकार की भी ताकत बढ़ेगी? विधानसभा को कानून बनाने की अनुमति देने वाला सेक्शन 3A क्यों हटाया गया है। इन सभी सवालों के जवाब जानने के लिए |