अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिकन ने शुक्रवार को बीजिंग की अपनी यात्रा को अचानक स्थगित कर दिया।

संदिग्ध जासूसी गुब्बारे को लेकर अमेरिका और चीन के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। ताजा खबर यह है कि यूएस के बाद अब लैटिन अमेरिका में भी ऐसा ही संदिग्ध जासूसी गुब्बारा देखा गया है। पेंटागन ने यह बड़ा दावा किया है।

इससे पहले शुक्रवार रात अमेरिका में चीन का जासूसी गुब्बारा उड़ता हुआ दिखा गया। पेंटागन के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल पैट्रिक राइडर ने बताया, यह गुब्बारा दो दिनों से उड़ रहा है। अमेरिका ने इसे अपनी संप्रभुता और अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन बताया है।

अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिकन ने शुक्रवार को बीजिंग की अपनी यात्रा को अचानक स्थगित कर दिया। अमेरिकी सरकार ने वाशिंगटन में चीनी दूतावास और चीन में अमेरिकी राजनयिक मिशन दोनों के माध्यम से चीनी सरकार के साथ संपर्क किया है। हालांकि चीनी विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह जासूसी गुब्बारा नहीं है, बल्कि इसे अनुसंधान के लिए छोड़ा गया था, जो तेज हवा के कारण भटक गया।

जासूसी गुब्बारे पर चीन की प्रतिक्रिया

चीन के विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह एक नागरिक एयरशिप था, जिसका उपयोग मुख्य रूप से मौसम संबंधी उद्देश्यों के लिए अनुसंधान के लिए किया गया। हवाई क्षेत्र के उल्लंघन पर चीन ने खेद जताया है।

इस बीच, कनाडा ने गुरुवार को कहा कि वह चीनी गुब्बारों की गतिविधियों पर भी नजर रख रहा है। गौरतलब है कि जासूसी के लिए गुब्बारों का इस्तेमाल दूसरे विश्व युद्ध से प्रयोग किया जा रहा है। जासूसी गुब्बारे जमीन से 24,000-37,000 मीटर ऊपर काम करते हैं।

चीनी गुब्बारे पर क्यों भड़का अमेरिका

गुब्बारे को गुरुवार को मोंटाना में देखा गया था। इस इलाके में स्थित एयरफोर्स बेस पर अमेरिका के तीन न्यूक्लियर मिसाइल तैनात हैं। बताया जाता है कि यह तीन बसों के आकार का है। पेंटागन ने राष्ट्रपति जो बाइडन को सलाह दी है कि गुब्बारे को गिराया न जाए। आशंका जताई कहीं इससे सुरक्षा को खतरा न पैदा हो जाए।