आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : मणिपुर हिंसा के बीच जान बचाने के लिए म्यांमार में शरण लेने वाले 212 मैतेई लोग वापस मणिपुर आ गए हैं। 3 मई को मोरे गांव में हिंसा के बाद ये लोग म्यांमार चले गए थे।

राज्य के CM एन बीरेन सिंह ने सोशल मीडिया साइट X (पुराना नाम ट्विटर) पर इस बात की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सभी लोगों के लौट आने पर राहत और कृतज्ञता महसूस कर रहा हूं।

बीरेन सिंह ने आगे कहा कि सभी लोगों को वापस लाने में भारतीय सेना ने समर्पण भाव दिखाया। मैं ईस्टर्न कमांड के जनरल ऑफिसर कमांडिंग लेफ्टिनेंट जनरल आरपी कलिता, 3 कॉर्प्स के जनरल ऑफिसर कमांडिंग लेफ्टिनेंट जनरल एचएस साही और 5 असम राइफल्स के कमांडिंग अफसर राहुल जैन को उनकी दृढ़ सेवा के लिए धन्यवाद देता हूं।

मणिपुर में दो हफ्ते बाद फिर हिंसा, 3 वॉलंटियर्स के शव मिले

मणिपुर में दो हफ्ते बाद 18 अगस्त को सुबह करीब 5.30 बजे उखरुल के लिटन के पास थोवई कुकी गांव में गोलीबारी हुई। जिसमें गांव के 3 वॉलंटियर्स के मारे जाने की खबर है। कुकी समुदाय के संगठन इंडिजिनस ट्राइबल लीडर्स फोरम के स्पोक्सपर्सन का कहना है कि मैतेई लोगों के हमले में मरने वालों में 26 साल का जामखोगिन, 35 साल का थांगखोकाई और 24 साल का हॉलेंसन शामिल है।

न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक, लिटन पुलिस ने बताया कि सुबह-सुबह भारी गोलीबारी की आवाजें सुनी गईं। इसके बाद पुलिस ने आसपास के गांवों और जंगलों में तलाशी ली। जहां से उन्हें तीन लोगों के शव मिले। तीनों के शरीर पर तेज चाकू से चोट के निशान हैं और उनके अंग भी कटे हुए हैं।

मणिपुर हिंसा मामलों की जांच CBI के 53 अफसरों की टीम करेगी

मणिपुर हिंसा के मामलों की जांच के लिए CBI ने 16 अगस्त को 53 अफसरों की लिस्ट तैयार की है। इनमें 29 महिलाएं शामिल हैं। इन अफसरों को देशभर के CBI ऑफिस से इकट्‌ठा किया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, यह अपनी तरह का पहला मोबिलाइजेशन है, जिसमें इतनी बड़ी संख्या में महिला अधिकारियों को एक साथ सर्विस में तैनात किया गया है।

अधिकारियों के मुताबिक, ज्यादातर जब किसी राज्य में हिंसा से जुड़े कई मामलों को जांच के लिए CBI को सौंपा जाता है, तो एजेंसी जनशक्ति मुहैया करवाने के लिए उसी राज्य पर आश्रित रहती है। लेकिन मणिपुर के मामलों की जांच में CBI लोकल अधिकारियों को शामिल नहीं करना चाहती है, ताकि जांच में पक्षपात के आरोप न लगें।

मणिपुर हिंसा में अब तक 160 से ज्यादा मौतें

मणिपुर हिंसा में अब तक 160 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जिसमें 3-5 मई के बीच 59 लोग, 27 से 29 मई के बीच 28 लोग और 13 जून को 9 लोगों की हत्या हुई थी। 16 जुलाई से लेकर 27 जुलाई तक हिंसा नहीं हुई थी।