आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह पर सत्ता का रसूख सवार है। जूतों में कीचड़ न लग जाए। कपड़े भीग न जाएं। इसलिए, उन्होंने अपने सारथी को प्लेटफॉर्म पर ही अपनी फॉर्च्यूनर चढ़ाने का हुक्म दे दिया। बुधवार को उनकी गाड़ी हॉर्न बजाते हुए लखनऊ में चारबाग रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म तक दाखिल हो गई।
प्लेटफॉर्म पर गाड़ी देखकर यात्रियों में हड़कंप मच गया। मंत्रीजी की गाड़ी प्लेटफॉर्म पर आराम से निकल जाए। इसलिए यात्री बेचारे अपना सामान लेकर इधर-उधर दौड़ने लग गए। यात्रियों को क्या पता था कि पीएम मोदी ने सिर्फ गाड़ियों से लालबत्ती हटवाई है। सत्ता का नशा तो अभी मंत्रियों के दिमाग में भरा हुआ है।
खैर, मंत्री तो ठहरे मंत्री। रुतबा ऐसा कि जिन पुलिसवालों को उनकी गाड़ी को रोकना था। वह भी सलामी ठोंकने में व्यस्त हो गए। थोड़ी देर में प्लेटफॉर्म पर ट्रेन आई और मंत्रीजी सवार होकर चले गए। न तो उनके कीमती जूते खराब हुए और न ही कपड़े।
हालांकि, वहां कुछ जागरूक यात्री भी थे। उन्होंने मंत्रीजी के इस रुतबे का वीडियो बना लिया। मंत्रीजी की कार जिस रैंप पर चढ़ी थी। उसके नियम ये हैं कि केवल पैदल, दिव्यांग यात्री ही रैंप से होते हुए एस्केलेटेर का उपयोग कर सकते हैं। उधर, सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव तक भी मंत्री का वीडियो पहुंच गया। उन्होंने तंजभरे अंदाज में ट्वीट किया। कहा-अच्छा हुआ ये बुलडोजर से स्टेशन नहीं गए थे।
पैदल चलने और भीगने से बचने के लिए चढ़ाई कार
पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह को बुधवार को ट्रेन नंबर-13005 हावड़ा-अमृतसर पंजाब मेल से लखनऊ से बरेली जाना था। पंजाब मेल चारबाग स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 4 पर आती है। ऐसे में मंत्री धर्मपाल सिंह को मुख्य पोर्टिको (प्लेटफार्म एक) पर आकर अधिक पैदल न चलना पड़े। इसलिए उनकी कार को रेलवे न्यायालय के सामने दिव्यांग रैंप पर चढ़ाते हुए सीधे प्लेटफार्म नंबर एक से सटे एस्केलेटर तक ले जाया गया।
यात्रियों का कहना था कि उस वक्त हल्की बारिश थी। अगर मंत्री सड़क पर उतरते तो उन्हें थोड़ा भीगना पड़ता। कीचड़ था। जूते गंदे हो जाते। इसलिए सीधे प्लेटफार्म तक आ गए।
मंत्री की अगुवाई के लिए GRP ने तोड़े नियम
यात्रियों के बीच मंत्री की कार पहुंचने से कुछ देर तक अफरातफरी मची रही। मंत्री की कार को उनके रवाना होने के बाद तक रोके रखा गया। मंत्री की अगवानी के लिए जीआरपी ने नियमों को तोड़ दिया। दरअसल, मंत्री की सुरक्षा में तैनात सिपाहियों ने जीआरपी इंस्पेक्टर से बात की। उन्होंने कार को चारबाग स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर एक के पास बने नए ऐस्कलेटर तक गाड़ी को पहुंचाने के लिए कहा। लेकिन बाद में कार को दिव्यांगों के लिए बने रैंप पर चढ़ा दी। वहीं जब दैनिक भास्कर ने मंत्री धर्मपाल सिंह से बात की तो उन्होंने कहा कि ट्रेन पकड़ने गया था, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ।