आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : भारत में तीन प्रकार के गेम्स पर प्रतिबंध लगाया जाएगा। केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने इसकी जानकारी दी है। इसके लिए नए नियमों का ब्लू प्रिंट तैयार कर लिया गया है। हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि गेम्स का क्लासिफिकेशन कैसे होगा। ऑनलाइन गेमिंग की लत के कई मामले सामने आए हैं। हाल ही में गेम्स के जरिए धर्म परिवर्तन की भी एक घटना सामने आई थी।

तीन प्रकार के गेम्स होंगे बैन

गेम्स जिसमें सट्टेबाजी शामिल है

गेम्स जो हानिकारक हो सकते हैं

गेम्स जिनकी लत लग सकती है

पहली बार तैयार किया ऑनलाइन गेमिंग फ्रेमवर्क

मंत्री ने कहा, पहली बार हमने ऑनलाइन गेमिंग को लेकर एक फ्रेमवर्क तैयार किया है, जिसमें हम देश में 3 प्रकार के गेम्स की अनुमति नहीं देंगे। वर्तमान में गूगल का प्ले स्टोर और एपल का ऐप स्टोर दो प्रमुख एप्लिकेशन स्टोर हैं जो नई घोषणा से प्रभावित होंगे।

यूजर को बांधे रखने के लिए डिजाइन किए जाते हैं गेम्स

ज्यादातर गेम्स को साइकोलॉजी का इस्तेमाल करके आपको बांधे रखने के लिए ही डिजाइन किया जाता है। मनोवैज्ञानिक बताते हैं कि इन गेम्स की लत इसलिए लग जाती है क्योंकि इनका एक्सेस यूजर के हाथों में होता है। वह खाते-पीते हुए यहां तक कि बाथरूम में बैठकर भी खेल को जारी रखता है। कई उदाहरण ऐसे भी सामने आए हैं कि लोग काम के दौरान भी ऐसे गेम खेलते हैं और अपनी नौकरी गंवा देते हैं।

2 मामलों से समझते हैं कि कितनी खतरनाक है ऑनलाइन गैम्बलिंग…

केस-1 – भोपाल का 37 साल का युवक अमेरिका में इंजीनियर था। किसी कारण कुछ समय पहले वह भोपाल आ गया। कोविड में लॉकडाउन के दौरान ऑनलाइन गैम्बलिंग की लत लग गई। वह मोबाइल पर तीन पत्ती खेलने लगा। शुरुआत में तो फायदा हुआ। इससे उसका लालच बढ़ता गया। फिर धीरे-धीरे जाल में फंसता चला गया। वह परेशानियों में घिरने लगा।

नींद में बदलाव आने लगा। स्वभाव चिड़चिड़ा हो गया। घरवालों ने डेली रुटीन में बदलाव महसूस किया। करीब डेढ़ महीने से उसकी काउंसिलिंग हो रही है। उसने 6-7 साल में करीब 40 लाख रुपए गंवा दिए हैं। इसके अलावा एक 23 साल का युवा भी गेम की लत में पड़ गया। उसकी भी काउंसिलिंग की जा रही है।

केस-2 – सिंगरौली का सनत अपने नाना का लाडला था। नाना ने बुढ़ापे के लिए पाई-पाई जोड़कर बैंक में कुछ लाख रुपए जमा किए थे। एक दिन उन्हें पता चला कि बैंक से साढ़े आठ लाख रुपए किसी ने उनके नाम पर निकाल लिए हैं। जांच की तो पता चला कि ऑनलाइन जुए (गैम्बलिंग) की लत के चलते सनत ने ही फर्जी तरीके से खाते से पैसे निकाले थे। सारे पैसे वो ऑनलाइन गेम में हार गया फिर जेल जाना पड़ा।