आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : ताइवान की इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरर फॉक्सकॉन भारत में 4-5 सेमीकंडक्टर चिप मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित करना चाहती है। इकोनॉमिक टाइम्स के अनुसार, फॉक्सकॉन ने वेदांता के साथ जॉइंट वेंचर तोड़ने के एक दिन बाद इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी मिनिस्ट्री को इसके बारे में जानकारी दी है।
पिछले साल दोनों कंपनियों ने गुजरात में प्लांट लगाने के लिए राज्य सरकार के साथ 1.54 लाख करोड़ रुपए का MoU साइन किया था। दोनों कंपनियां मिलकर सेमीकंडक्टर और डिस्प्ले प्रोडक्शन प्लांट लगाने वाली थीं। फॉक्सकॉन ने कहा था कि वह भारत सरकार के मेक इन इंडिया लक्ष्यों का पूरा समर्थन करती है।
45-50 दिनों के अंदर फाइनल एप्लीकेशन सबमिट कर सकती है कंपनी
रिपोर्ट में IT मिनिस्ट्री के एक अधिकारी के हवाले से कहा गया है कि फॉक्सकॉन सभी प्रोसेस पहले से जानती है, इसलिए अगले 45-50 दिनों के अंदर फाइनल एप्लीकेशन सबमिट कर ऑफिशियल अनाउंसमेंट कर सकती है। इस मामले से परिचित एक अन्य व्यक्ति ने कहा कि फॉक्सकॉन सेमीकंडक्टर चिप मैन्युफैक्चरिंग यूनिट गुजरात में स्थापित कर सकती है।
जुलाई में की थी सेमीकंडक्टर पॉलिसी अनाउंस
जुलाई 2022 में गुजरात सरकार ने सेमीकंडक्टर पॉलिसी 2022-27 की अनाउंसमेंट की थी, जिसके तहत सरकार ने राज्य में सेमीकंडक्टर या डिस्प्ले फैब्रिकेशन मैन्युफैक्चरिंग में इन्वेस्ट करने के इच्छुक लोगों के लिए बिजली, पानी और भूमि शुल्क पर भारी सब्सिडी देने का प्रस्ताव रखा था। सेमीकंडक्टर्स और डिस्प्ले भारत को इलेक्ट्रॉनिक्स हब बनाने के लिए जरूरी है।
2021 में सेमीकंडक्टर मार्केट की वैल्यू थी 2.16 लाख करोड़
2021 में भारतीय सेमीकंडक्टर मार्केट की वैल्यू 2.16 लाख करोड़ रुपए (27.2 बिलियन डॉलर) थी। अब 2026 में इसे 5.09 लाख करोड़ रुपए (64 बिलियन डॉलर) तक पहुंचने के लिए लगभग 19% की CAGR से बढ़ने की उम्मीद है।
सेमीकंडक्टर चिप क्या होती है?
सेमीकंडक्टर चिप सिलिकॉन से बनी होती है और सर्किट में इलेक्ट्रिसिटी कंट्रोल करने के काम आती है। ये चिप एक दिमाग की तरह इन गैजेट्स को ऑपरेट करने में मदद करती है। इसके बिना हर एक इलेक्ट्रॉनिक आइटम अधूरा है। कंप्यूटर, लैपटॉप, कार, वॉशिंग मशीन, ATM, अस्पतालों की मशीन से लेकर हाथ में मौजूद स्मार्टफोन तक सेमीकंडक्टर चिप पर ही काम करते हैं।
कैसे काम करता है सेमीकंडक्टर?
ये चिप इलेक्ट्रॉनिक आइटम को ऑटोमैटिकली ऑपरेट करने में मदद करती है। उदाहरण के लिए, स्मार्ट वॉशिंग मशीन में कपड़े पूरी तरह धुलने के बाद ऑटोमैटिक मशीन बंद हो जाती है। इसी तरह कार में जब आप सीट बेल्ट लगाना भूल जाते हैं, तो कार आपको अलर्ट देती है। ये सेमीकंडक्टर की मदद से ही होता है।