आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : ब्रिटिश प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने सोमवार को यूनिवर्सिटी में पढ़ने वालों हजारों छात्रों के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। ब्रिटेन में अब यूनिवर्सिटी की उन डिग्रियों पर रोक लगेगी, जिसमें ड्रॉपआउट सबसे ज्यादा होते हैं। साथ ही जिन कोर्स को करने के बाद छात्रों को अच्छी नौकरी नहीं मिलती है।
सुनक चाहते हैं कि उच्च शिक्षा युवाओं के लिए रोजगार के मौके लेकर आए। इससे बाद जॉब मार्केट में बदलाव दिखाई देगा। इसके अलावा, शिक्षा विभाग (DFE) की योजनाओं में जिन कोर्स के बाद काम नहीं मिले और ज्यादा ड्रॉपआउट वाली डिग्रियों पर नियंत्रण लगाया जाएगा।
कई संस्थान युवाओं को झूठे सपने बेच रहे
सुनक ने कहा कि ब्रिटेन में कई शानदार यूनिवर्सिटी हैं, और वहां से डिग्री हासिल करना बेहद फायदेमंद रहता है, लेकिन कई संस्थान ऐसे हैं जो युवाओं को झूठे सपने बेच रहे हैं। ऐसे संस्थान करदाताओं के खर्च पर युवाओं को खराब स्तर के कोर्स करा रहे हैं।
उनका कहना है कि बेकार कोर्स से देश की अर्थव्यवस्था पर असर पड़ता है। इसलिए हम स्किल ट्रेनिंग के प्रावधान को बढ़ावा देने के लिए काम करेंगे। साथ ही, एजुकेशन डिपार्टमेंट को उन छात्रों की संख्या को भी सीमित करने के निर्देश दिए जाएंगे, जो कोर्सेज में अच्छे रिजल्ट नहीं दे रहे हैं।
ब्रिटेन की शिक्षा मंत्री गिलियन कीगन ने कहा कि छात्र और करदाता उम्मीद करते हैं कि उनका निवेश बेकार न जाए।
कृषि, आर्ट्स, ऑनर्स में सर्वाधिक ड्रॉपआउट
रिपोर्ट्स के मुताबिक ब्रिटेन में 10 ग्रेजुएट्स में से 3 को अच्छी नौकरी नहीं मिल पाती। वहीं, हायर एजुकेशन स्टैटिस्टिक्स एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार ब्रिटेन में एग्रीकल्चर, आर्ट्स, ऑनर्स जैसे विषयों से सबसे ज्यादा ड्रॉपआउट के मामले देखे गए हैं।
सरकार की तरफ से ऐसी कोई लिस्ट जारी नहीं की गई है कि किन-किन कोर्स को बंद करने की तैयारी है, लेकिन सरकारी सूत्रों ने साफ किया है कि इस नई पॉलिसी की वजह से आर्ट्स और ह्यूमैनिटीज के कोर्स को कोई नुकसान नहीं पहुंचेगा।
उम्मीद की जा रही है कि कोर्स जल्द घोषित किए जाएंगे। ब्रिटेन सरकार जल्द एक नया डिजिटल प्लेटफार्म लॉन्च करेगी। जहां युवाओं को टी लेवल (तकनीकी-आधारित योग्यता) से लेकर कौशल बूटकैंप और आवश्यक कोर्स की जानकारी एक ही जगह मिल पाएगी।
सुनक ने कहा- मौजूदा प्रणाली निराश कर रही; लेबर पार्टी विरोध में
सुनक ने कहा है कि जीवन में सफल होने के लिए आपको यूनिवर्सिटी जाने की जरूरत नहीं है। कई लोगों के लिए यूनिवर्सिटी में पढ़ाई करना ही सब कुछ है, लेकिन वहीं ऐसे लोग भी हैं जिन्हें मौजूदा शिक्षा प्रणाली ने निराश किया है। हालांकि वहां की लेबर पार्टी प्रधानमंत्री के बयान की आलोचना कर रही है। उनके मुताबिक, इससे युवाओं की आकांक्षाओं पर रोक लग जाएगी।