रीसाइकल की गई पीईटी बोतलों से बनाया गया था। इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC) ने यह जैकेट भेंट की है।
अडाणी मुद्दे पर संसद में जारी घमासान के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब राज्यसभा पहुंचे तो उन्होंने ब्लू कलर का जैकेट पहना हुआ था। यह जैकेट यूं तो दिखने में सामान्य है, लेकिन इसकी कहानी पर्यावरण संरक्षण का बड़ा संदेश देती है।
दरअसल, रीसाइकल की गई पीईटी बोतलों से बनाया गया था। बता दें, जलवायु परिवर्तन के खिलाफ लड़ाई को जन आंदोलन बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हमेशा सबसे आगे रहे हैं।
हाल ही में, सरकार ने 19,700 करोड़ रुपये की लागत के साथ राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन भी लॉन्च किया। इसका उद्देश्य जीवाश्म ईंधन के आयात पर निर्भरता कम करना है।
उन्होंने 2019 में महाबलीपुरम के एक समुद्र तट पर कचरा और बेस्ट प्लास्टिक जमा करते हुए देखा गया था। इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC) ने बेंगलुरु में इंडिया एनर्जी वीक में पीएम मोदी को जैकेट भेंट की थी। आईओसी कर्मचारियों और सशस्त्र बलों के लिए टिकाऊ परिधान बनाने के लिए 10 करोड़ से अधिक पीईटी बोतलों को प्रोसेस किया गया है।
लोगों की थाली में बीमारी परोस रही है बेंगलुरु की फायल पेपर कंपनी: फायल पेपर बनाने वाली बेंगलुरु की एक कंपनी लोगों की थाली में गंभीर बीमारी परोस रही है। इस कंपनी के पेपर नियमित प्रयोग करने से गुर्दा और हड्डी कमजोर होने के साथ-साथ अन्य बीमारी भी हो सकती हैं। इसके पेपर देशभर के ज्यादातर बड़े शहरों के स्टोर में बिक रहे हैं। भारतीय मानक ब्यूरो (बीआइएस) ने फायल पेपर की जांच करने के बाद कार्रवाई करने के लिए इसकी रिपोर्ट तैयार कर बेंगलुरु की टीम को भेज दी है। कार्रवाई के बाद कंपनी का नाम उजागर किया जाएगा।