आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल: पाकिस्तान की संसद यानी नेशनल असेंबली बुधवार देर रात कार्यकाल खत्म होने से 3 दिन पहले ही भंग कर दी गई। बुधवार को ही प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ ने संसद भंग करने की सिफारिश राष्ट्रपति आरिफ अल्वी के पास भेजी थी। देर रात राष्ट्रपति ने इसे अपनी मंजूरी दे दी।
पाकिस्तान के प्रेसिडेंट ऑफिस ने ट्वीट कर बताया कि प्रधानमंत्री की सलाह पर आर्टिकल 58-1 के तहत संसद को भंग किया गया है। इसके साथ ही केयरटेकर प्रधानमंत्री को नियुक्त करने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। सरकार के आखिरी दिन कैबिनेट को संबोधित करते हुए PM शाहबाज ने कहा- गठबंधन की सरकार ने अपने हितों को परे कर देश को बचाने के लिए बड़ी कुर्बानी दी है।
शाहबाज और विपक्ष के नेता तय करेंगे केयरटेकर PM
शाहबाज शरीफ और विपक्ष के नेता राजा रियाज केयरटेकर PM का नाम तय करने के लिए चर्चा करेंगे। अगर इन दोनों में 3 दिनों के भीतर सहमति नहीं बनी तो मामला संसदीय कमेटी के पास चला जाएगा। अगर यहां भी सहमति नहीं बनी तो इलेक्शन कमीशन फैसला करेगा।
टेन्योर से 3 दिन पहले ही भंग की गई असेंबली
नेशनल असेंबली का टेन्योर 12 अगस्त तक था। इसे 3 दिन पहले 9 अगस्त को ही भंग कर दिया गया। पाकिस्तान का संविधान कहता है कि अगर टेन्योर खत्म होने के पहले असेंबली डिसॉल्व की जाती है तो उन हालात में इलेक्शन 90 दिन के अंदर कराए जाएं।
दूसरी तरफ, अगर नेशनल असेंबली अगर तय वक्त (इस बार 12 अगस्त 2023) पर भंग की जाती है तो इलेक्शन 60 दिन के भीतर कराने होंगे। जाहिर है, तीन दिन पहले असेंबली भंग करके शाहबाज चुनाव को कम से कम एक महीना टाल सकते हैं।
पाकिस्तान में चुनाव की तारीख तय नहीं
शाहबाज ने कुछ दिन पहले कहा था- जनरल इलेक्शन तय वक्त (अक्टूबर के आखिर या नवंबर की शुरुआत) पर होंगे। इसके साथ ही राज्यों में भी चुनाव कराए जाएंगे। हालांकि, उनके ही होम मिनिस्टर राणा सनाउल्लाह ने मंगलवार को कहा- मार्च से पहले इलेक्शन कराना मुमकिन ही नहीं है।