आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : आम चुनाव के पहले पाकिस्तान में सेना ने पूरी तरह से अपना नियंत्रण कायम कर लिया है। वह शरीफ बंधु के साथ में हैं। अब यह साफ हाे गया है कि पाकिस्तान के सबसे लोकप्रिय नेता इमरान खान जेल में ही रहेंगे और एक के बाद एक मुकदमों में उलझे रहेंगे।
दूसरी ओर पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ चार साल के बाद अगले महीने देश वापस लाैटेंगे। IMF के लोन की शर्त के मुताबिक नवंबर 2024 के पहले चुनाव कराने होंगे, लेकिन चुनाव आयोग ने जनगणना का मुद्दा उठा दिया है। इस बीच राष्ट्रपति ने शरीफ को आज केयरटेकर PM घोषित करने को कहा है। सेना चुनाव को आगे बढ़ाने के लिए IMF को राजी करना चाहती है।
इसके लिए वह पिछले दरवाजे से अमेरिका की मदद लेकर कूटनीति का सहारा भी ले सकती है। सेना का मानना है कि देश को शरीफ बंधु ही संकट से निकाल सकते हैं। खासकर नवाज शरीफ।
आम लोगों से अपनी सत्ता को चुनौती बर्दाश्त नहीं कर सकती पाक सेना
अब आम जनता तो पूरी तरह से सेना के काबू में है ही, साथ में न्यायपालिका भी सेना के अनुसार ही चल रही है। राजनीतिक विशलेषक आमिर खान का कहना है कि सेना राजनीतिक नेतृत्व के हमलों पर ताे संयम रख सकती है। नवाज शरीफ और जरदारी के विरोध को तो सेना ने बर्दाश्त कर लिया, लेकिन सेना कभी आम जनता से अपनी सत्ता को चुनौती बर्दाश्त नहीं कर सकती। इसी के चलते इमरान की गिरफ्तारी के बाद 9 मई को हुए उपद्रवों के बाद हजारों इमरान समर्थकों को गिरफ्तार कर लिया गया।
इमरान 3 महीने में अपनी सजा नहीं बदलवा सकते
हाईकोर्ट या सुप्रीम काेर्ट में वे जमानत के लिए जा सकते हैं। तीन महीने में वे अपनी सजा को नहीं बदलवा सकते। वे जमानत पर छूट कर अपने घर से पार्टी ही चला सकेंगे। दरअसल राजनीति में उन्हींने जीत या हार की रणनीति अपनाई। जाहिर है यह नाकाम रही। तीन महीने के भीतर उन्होंने पूरी चमक खो दी।
इमरान के सामने एक ही विकल्प बचा है
2018 के चुनाव में जाे सेना इमरान को सत्ता में लेकर आई, वे उसी से सीधे टकरा गए। राजनीतिक विश्लेषक आमिर खान कहते हैं कि इमरान के सामने अब केवल एक ही विकल्प बचा है। सेना प्रमुख असीम मुनीर के रिटायर हाेने का इंतजार करें और दुआएं करें कि उनका कार्यकाल और न बढ़े। सेना प्रमुख मुनीर नवंबर 2025 तक पद पर हैं।
चीफ जस्टिस के रिटायर होने पर लौटेंगे नवाज
अगर नवाज शरीफ देश वापस नहीं आते हैं ताे PML-N के लिए चुनाव में काेई अवसर नहीं रहेगा। उनके छोटे भाई शहबाज शरीफ अब कह रहे हैं कि नवाज अगले महीने आएंगे। राजनीतिक विश्लेषक मोइद के मुताबिक नवाज के पास वापस आने के सिवाय काेई चारा नहीं है। वे नहीं लौटे ताे पार्टी हार जाएगी। 16 सितंबर को चीफ जस्टिस बंदियाल के रिटायर हाेने के बाद ही नवाज वापस आएंगे।