आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल: नॉर्थ कोरिया ने करीब 1 महीने बाद पहली बार अमेरिकी सैनिक ट्रैविस किंग को लेकर कोई बयान दिया है। KCNA के मुताबिक राजधानी प्योंगयांग की तरफ से जारी ऑफिशियल स्टेटमेंट में कहा गया- अमेरिकी सैनिक गैर-कानूनी तौर पर नॉर्थ कोरिया में घुसा था।

जांच के दौरान उसने बताया कि वो जानबूझकर वहां आया क्योंकि US मिलिट्री में उसके साथ रंगभेद होता था। ट्रैविस किंग ने अधिकारियों से कहा- मेरे साथ सेना के दूसरे अधिकारी अमानवीय व्यवहार और नस्लीय भेदभाव करते थे। इससे परेशान होकर ही मैंने किसी थर्ड वर्ल्ड देश में रहने का फैसला किया।

तानाशाह किम की सेना की निगरानी में अमेरिकी सैनिक

नॉर्थ कोरिया के मुताबिक, ट्रैविस ने ये भी कहा कि वो उन्हीं के देश या फिर किसी दूसरे देश में रहना चाहता है, जहां उसके रंग के आधार पर उसे न परखा जाए। ट्रैविस ने इस दौरान अमेरिकी सेना में मोहभंग होने की भी बात कही। न्यूज एजेंसी KCNA ने बताया कि ट्रैविस को सैनिकों की निगरानी में रखा गया है और इस मामले में जांच अब भी जारी है।

ट्रैविस 18 जुलाई को बॉर्डर पार कर नॉर्थ कोरिया चला गया था। यहां उसे तानाशाह किम जोंग उन के अधिकारियों ने हिरासत में ले लिया था। ‌‌BBC की रिपोर्ट के मुताबिक ट्रैविस किंग नाम का ये सैनिक साउथ कोरिया में भी मारपीट के आरोपों के चलते 2 महीने जेल में काट चुका था। उसे जल्द ही अमेरिका वापस भेजा जाना था।

पेंटागन बोला- ट्रैविस को वापस लाना पहला टारगेट

नॉर्थ कोरिया की इस प्रतिक्रिया के बाद अमेरिकी डिफेंस डिपार्टमेंट पेंटागन ने कहा कि फिलहाल वो ट्रैविस के बयान को वेरिफाई नहीं कर पा रहे हैं। उनका पहला फोकस उसे वापस देश लाने पर है। न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक, पेंटागन ने कहा- ट्रैविस ने अपनी मर्जी से और बिना परमिशन के बॉर्डर पार किया था।

क्या ट्रैविस को मिल सकता है युद्ध के कैदी का दर्जा

अमेरिका के सैनिक होने के नाते ट्रैविस को प्रिजनर ऑफ वॉर (POW) यानी युद्ध के कैदी होने का दर्जा मिल सकता है। ऐसा इसलिए क्योंकि 1950-53 के दौरान हुआ कोरियन वॉर शांति समझौते कि जगह युद्धविराम पर खत्म हुआ था। इसकी वजह से ऐसा कहा जा सकता है कि अमेरिका और नॉर्थ कोरिया टैक्निकली अभी जंग लड़ रहे हैं।

हालांकि, अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि ट्रैविस अपनी मर्जी से नॉर्थ कोरिया गया था। इसके पीछे अमेरिका का कोई खास मिशन नहीं था, जिसकी वजह से बहुत हद तक ये मुमकिन है कि उसे POW का दर्जा नहीं दिया जाएगा।

बिना इजाजत नॉर्थ कोरिया में दाखिल हुआ ट्रैविस

ट्रैविस नॉर्थ कोरिया में बिना इजाजत दाखिल हुआ था। UN कमांड के मुताबिक जब ट्रैविस नॉर्थ कोरिया में घुसा तो वो साउथ कोरिया की एक टीम के साथ जॉइंट सिक्योरिटी एरिया के टूर पर पानमुनजोम गांव में था। ये वहीं गांव है जहां कोरिया में हुई जंग के बाद युद्ध विराम हुआ था। इसके बाद अमेरिका ने मामले में नॉर्थ कोरिया से बातचीत की भी कोशिश की, लेकिन वो इसके लिए तैयार नहीं हुए।

ट्रैविस पर लगा था 3 लाख का जुर्माना

BBC की रिपोर्ट में बताया गया है कि ट्रैविस किंग ने सितंबर में नाइट क्लब में एक युवक के साथ मारपीट की थी। उसने पुलिस की कार के साथ तोड़-फोड़ की और उनके खिलाफ भद्दे शब्दों का इस्तेमाल किया। इस मामले में उस पर 3,950 डॉलर, यानी 3 लाख रुपए का जुर्माना लगा था। दो महीने की सजा के बाद उसे 10 जुलाई को रिहा किया गया था। ट्रैविस को सेना की निगरानी में भी रखा गया था।