आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल: नॉर्थ कोरिया ने शनिवार को येलो सी में एक के बाद एक कई क्रूज मिसाइलें दागीं। साउथ कोरिया के चीफ ऑफ स्टाफ ने इसकी पुष्टि की है। रिपोर्ट्स के मुताबिक मिसाइलों का लॉन्च शुक्रवार सुबह 4 बजे शुरु हुआ था। इससे दोनों देशों के रिश्तों में तनाव और बढ़ गया है।

नॉर्थ कोरिया की तरफ से ये एक्शन तब लिया गया है जब अमेरिका ने बुधवार को अपनी परमाणु पनडुब्बी साउथ कोरिया के पोर्ट पर तैनात की। वहीं, साउथ कोरिया ने कहा है कि वो नॉर्थ कोरिया की हरकतों पर नजर रख रहे हैं। साउथ कोरिया ने ये भी कहा है कि नॉर्थ कोरिया ने परमाणु हमला किया तो किम जोंग उन का शासन खत्म कर दिया जाएगा।

नॉर्थ कोरिया ने दी थी परमाणु हमले की चेतावनी

नॉर्थ कोरिया से बढ़ती टेंशन के बीच अमेरिका और साउथ कोरिया डिफेंस को-ऑपरेशन बढ़ा रहे हैं। इसके लिए मिलिट्री एक्सरसाइज की जा रही हैं। इन पर गुरुवार को नॉर्थ कोरिया के डिफेंस मिनिस्टर कैंग सुन नाम ने धमकी दी थी।

उन्होंने कहा था कि नॉर्थ कोरिया इनका जवाब परमाणु हमले से कर सकता है। हालांकि, साउथ कोरिया ने कहा है कि परमाणु पनडुब्बी तैनात करना और मिलिट्री एक्सरसाइज करने का मकसद सिर्फ बाहरी खतरे से खुद को सुरक्षित रखना है।

अमेरिका ने क्यों साउथ कोरिया में तैनात की परमाणु पनडुब्बी…

नॉर्थ कोरिया के परमाणु देश बनने के बाद से उसके साथ जंग लड़ चुके साउथ कोरिया को अपनी सुरक्षा को लेकर खतरा है। हालांकि, अमेरिका और दूसरे देश नहीं चाहते की साउथ कोरिया भी परमाणु हथियारों की टेस्टिंग करे। उन्हें डर है कि इससे दुनिया में न्यूक्लियर हथियार हासिल करने की रेस और तेज हो जाएगी।

ऐसे में अप्रैल में अमेरिका और साउथ कोरिया के बीच एक समझौता हुआ। इसे वॉशिंगटन डेक्लेरेशन नाम दिया गया था। इसके तहत अमेरिका बाहरी खतरों से साउथ कोरिया को बचाने के लिए अपनी न्यूक्लियर बैलिस्टिक मिसाइल सबमरीन वहां भेजेगा।

हालांकि, अमेरिका के कोई भी परमाणु हथियार सियोल में तैनात नहीं किए जाएंगे। दूसरी तरफ, समझौते के तहत साउथ कोरिया खुद के परमाणु हथियार नहीं बनाएगा। इसी समझौते के तहत बुधवार को साउथ कोरिया में अमेरिका की परमाणु पनडुब्बी आई।

नॉर्थ कोरिया ने दिखाए थे परमाणु हथियार

इससे पहले मार्च में नॉर्थ कोरिया ने कई इंटर कॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) सहित दूसरी मिसाइलों की टेस्टिंग की थी। देश ने पहली बार अपने परमाणु हथियार दुनिया के सामने पेश किए थे। इस दौरान नॉर्थ कोरिया ने और भी खतरनाक परमाणु हथियार बनाने की बात कही थी।

न्यूक्लियर एक्सपर्ट्स का मानना है कि नॉर्थ कोरिया के हथियार बेशक छोटे हैं फिर भी इन्हें इंटर कॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइलों पर लगाकर अमेरिका और साउथ कोरिया में तबाही मचाई जा सकती है।

सिओल नेशनल यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर क्यून सू के मुताबिक ने कहा था को पहली बार ऑफिशियली दिखाए गए नॉर्थ कोरिया के परमाणु हथियार 2016 के मुकाबले बड़े हैं। इससे परमाणु हथियार बनाने में उनकी तरक्की साफ दिख रही है।