आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल: नाइजर के बाद अब सेंट्रल अफ्रीकी देश गैबन में तख्तापलट हो गया है। देश की सेना मे चुनाव खारिज करके सभी सरकारी संस्थाएं भंग कर दी हैं। साथ ही सभी बॉर्डर्स भी सील कर दिए गए। हैं। सरकारी मीडिया गैबन 24 पर आकर मिलिट्री अधिकारियों ने कहा- हमें चुनाव पर भरोसा नहीं था, इसलिए ये कदम उठाया।
27 अगस्त को हुए विवादित चुनाव के बाद घोषणा की गई थी कि राष्ट्रपति अली बॉन्गो ओन्डिम्बा तीसरी बार भी चुनाव जीत गए हैं। इसके 3 दिन बाद सेना ने सत्ता अपने हाथों में लेते हुए कहा- हमने देश में शांति के लिए मौजूदा सरकार को हटा दिया है। अधिकारियों ने बताया कि ये फैसला गैबन की सभी डिफेंस और मिलिट्री फोर्स की सहमति से लिया गया है।
राजधानी लिबरविले में गोलियों की आवाज सुनाई दी
रॉयटर्स के मुताबिक, तख्तापलट की घोषणा के बाद गैबन की राजधानी लिबरेविले में गोलियों की आवाजें भी सुनी गईं। हालांकि, देश की सरकार या किसी और अधिकारी की तरफ से फिलहाल कोई बयान जारी नहीं हुआ है। शनिवार को गैबन में कर्फ्यू और चुनाव की वजह से तनाव का माहौल था। विपक्ष की तरफ से लगातार बदलाव और बॉन्गो शासन के अंत की मांग उठ रही थी।
53 साल से शासन कर रहा था बॉन्गो परिवार
इससे पहले चुनाव आयोग ने बताया था कि राष्ट्रपति बॉन्गो को 64.27% वोट मिले थे। जबकि उनके प्रतिद्विंदी एल्बर्ट ऑन्डो ओस्सा को 30.77% वोट हासिल हुए थे। तख्तापलट के साथ ही बॉन्गो परिवार 53 साल के शासन का अंत हो गया।
चुनाव के बाद विपक्षी दल ने कहा था- चुनाव के वक्त इंटरनेट बंद करके कर्फ्यू लगा दिया गया। राष्ट्रपति बॉन्गो ने इलेक्शन में धांधली के लिए ऐसा किया था। चुनाव नतीजों के बाद फ्रांसीसी मीडिया फ्रांस 24, RFI और TV5 मॉन्डे मीडिया हाउस को भी बैन कर दिया था। इन पर चुनाव के दौरान पक्षपात करने और बैलेंस बिगाड़ने का आरोप लगाया गया था।
2009 में राष्ट्रपति बने थे अली बॉन्गो
बॉन्गो गैबनीज डेमोक्रैटिक पार्टी के नेता हैं। उनके पिता उमर बॉन्गो ने इस पार्टी का गठन किया था। वो 1967 से 2009 तक देश के राष्ट्रपति थे। उनकी मृत्यू के बाद तत्कालीन रक्षा मंत्री और उमर के बेटे अली बॉन्गो राष्ट्रपति बन गए थे। तब से देश की सत्ता उन्ही के पास है।