आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : देश में सालाना 5 लाख से 30 लाख रुपए तक कमाने वाले 43 करोड़ मध्यवर्ग की सभी तरह के टैक्स भरने के बाद खर्च योग्य औसत आय 9.25 लाख रुपए है। वह करीब 74% राशि खाने-पीने, पढ़ाई, प्रसाधन, कपड़े और उपभोक्ता सामान पर खर्च करता है। उसकी सालाना बचत 14% है।
वहीं 30 लाख रुपए से अधिक कमाने वाले 5.6 करोड़ लोगों की खर्च लायक आय 35.77 लाख है। वे करीब 57% पैसा जरूरतों पर खर्च कर देते हैं। इनकी बचत 17% है। यानी मध्यवर्ग से 3% ज्यादा। दूसरी तरफ, 5 लाख रुपए तक आय वाले 93 करोड़ लोग की जरूरतें कमाई से ज्यादा हैं। उन्हें इलाज तक के लिए कर्ज लेना पड़ जाता है।
दिलचस्प बात यह है कि देश की 73% आबादी पर कोई कर्ज नहीं है। गरीब की तुलना में अमीर को तीन गुना अधिक कर्ज विरासत में मिला है। निचले तबके के 25% लोगों के पास एक मॉर्गेज लोन है। इसकी तुलना में अमीर तबके के पास मौजूद 44% प्रॉपर्टी मॉर्गेज की है। ये खुलासे पीपुल्स रिसर्च ऑन इंडियाज कंज्यूमर इकोनॉमी (प्राइस) की रिपोर्ट में किए गए हैं। रिपोर्ट 25 राज्यों के 40 हजार परिवारों पर सर्वे से तैयार की गई है।
रिपोर्ट के अनुसार भारत में दुनिया का तेजी से बढ़ता मध्यवर्ग है। इसकी खर्च करने की क्षमता बहुत बढ़ी है। एक साल में इस तबके की सालाना कमाई 84 लाख करोड़ रु. थी। इसमें से 62 लाख करोड़ रुपए उसने बाजार में खर्च किए।
तेजी से बढ़ रहा मध्यवर्ग, खर्च की क्षमता बढ़ी
बाहर खाने पर 1.03 लाख खर्च करते हैं अमीर
परिवार के साथ बाहर डिनर पर अमीर तबका हर साल 1.03 लाख रुपए खर्च करता है। मध्यवर्ग 22 हजार रुपए और निम्न आय वाला तबका 6 हजार रुपए खर्च कर देता है।
शीतल पेय और पैक्ड फूड पर अमीर तबका हर साल 1.54 लाख रुपए खर्च करता है। मध्यवर्ग 49 हजार रुपए और निम्न आय वर्ग के लोग 12 हजार रुपए खर्च करते हैं।
मनोरंजन पर अमीर तबका हर साल 61 हजार रुपए, मध्यवर्ग 17 हजार रुपए और निम्न आय वर्ग 4 हजार रुपए खर्च करता है।
टूरिज्म और टूर पैकेज पर अमीर तबका हर साल 1.74 लाख रुपए खर्च करता है। मध्यवर्ग 44 हजार रुपए, निम्न आय वर्ग 11 हजार रुपए खर्च करता है।
चावल-दाल खरीदने पर निचला तबका 45%, निम्न आय वर्ग 37%, मध्यवर्ग 23% और अमीर तबका 11% राशि खर्च करता है।
देश में अमीर तबका 4%
अमीर तबका 4% है। खर्च योग्य आय में हिस्सेदारी 23% है। कुल खर्च में हिस्सेदारी 17%, बचत में हिस्सेदारी 29% है।
1.25 लाख तक आय वाला तबका 13% है। खर्च योग्य आय में हिस्सेदारी 2% और खर्च में हिस्सेदारी 3% तक सीमित है। खर्च पूरे करने के लिए कर्ज लेता है। बचत तो कर ही नहीं पा रहा।
1.25-5 लाख आय वाले तबके की बचत 26,000 रुपए है। जरूरतें पूरी करने के लिए कर्ज पर निर्भर है। 5-30 लाख रु. तक आय वाले तबके की सालाना बचत 1.29 लाख है।