आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के खिलाफ सीक्रेट्स डॉक्यूमेंट्स केस में लगाए गए 37 आरोप शुक्रवार को सार्वजनिक कर दिए गए। इनमें से 31 चार्ज राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े दस्तावेजों को जानबूझकर अपने पास रखने के हैं। इसके अलावा उन पर झूठे बयान देने, डाक्यूमेंट्स होने की बात छिपाने, न्याय में बाधा डालने जैसे आरोप लगाए गए हैं।

BBC के मुताबिक, 49 पेज के आरोप पत्र में बताया गया है कि ट्रम्प ने ये डॉक्यूमेंट्स अपने बाथरूम, बॉलरूम, शावर की जगह पर, ऑफिस, स्टोर रूम और बेडरूम में छिपाए थे। प्रॉसिक्यूटर्स ने ये भी कहा कि FBI की जांच में बाधा डालने के लिए ट्रम्प ने अपने वकीलों को फाइलें छिपाने या नष्ट करने का आदेश दिया था।

US जस्टिस डिपार्टमेंट ने ट्रम्प के घर से बरामद डॉक्यूमेंट्स की कई तस्वीरें जारी की हैं। नीचे देखिए, ट्रम्प के घर के बाथरूम और बॉलरूम से बरामद दस्तावेज…

आरोपों के बावजूद ट्रम्प की दावेदारी पर खतरा नहीं

अमेरिका के इतिहास में ये पहला मौका है जब किसी पूर्व राष्ट्रपति पर फेडरल चार्ज लगाए गए हैं। हालांकि ट्रम्प पर लगे आरोपों के बावजूद राष्ट्रपति चुनाव के लिए उनकी दावेदारी पर कोई कानूनी खतरा नहीं होगा। अगर उन्हें सजा हो जाए, तब भी कानूनी तौर पर वे राष्ट्रपति का चुनाव लड़ पाएंगे। हालांकि उनकी गिरफ्तारी को लेकर कोई जानकारी नहीं है। मियामी कोर्ट में केस की सुनवाई की तैयारी चल रही है।

ट्रम्प के पास थीं 21 टॉप सीक्रेट और 9 सीक्रेट फाइल्स

CNN के मुताबिक, आरोप पत्र में बताया गया है कि पिछले साल FBI ने ट्रम्प के पास से 337 सरकारी डॉक्यूमेंट्स बरामद किए थे। इनमें से 21 डॉक्यूमेंट्स पर टॉप सीक्रेट लिखा हुआ था। ये वो दस्तावेज होते हैं जिसमें सबसे संवेदनशील जानकारी रखी जाती है। सिर्फ सीमित लोगों की ही पहुंच होती है। इसमें गुप्त सोर्स से मिली जानकारी को सुरक्षित रखा जाता है।

इसके अलावा, 9 डॉक्यूमेंट्स पर सीक्रेट लिखा हुआ था। ये वो फाइल्स होती हैं, जिसके लीक होने पर राष्ट्रीय सुरक्षा को गंभीर खतरा पहुंचने की आशंका रहती है।

फाइल्स में थी प्लान ऑफ अटैक की डीटेल्स

2020 की एक फाइल में दूसरे देशों की परमाणु क्षमता के बारे में खुफिया जानकारी थी। ट्रम्प ने जो क्लासिफाइड फाइल्स छिपाई थीं उनमें अमेरिका के न्यूक्लियर प्रोग्राम्स और US और दूसरे देशों की रक्षा और हथियारों की क्षमता से जुड़ी डीटेल्स मौजूद थीं। इसके अलावा उन्होंने वो फाइल्स भी अपने पास रख ली थीं, जिसमें बताया गया था कि हमला होने पर अमेरिका उसका जवाब कैसा देगा और जंग के मैदान में US और उसके सहयोगियों की कमजोरी क्या है।