आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : CBI ने बुधवार को जम्मू-कश्मीर इंश्योरेंस स्कैम से जुड़े मामले में जम्मू-कश्मीर और दिल्ली स्थित 9 ठिकानों पर छापेमारी की। तलाशी मलिक के मीडिया सलाहकार रहे सुनक बाली के घर भी हुई। जिसको लेकर मलिक ने कहा कि, यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि CBI इस मामले में शिकायतकर्ता को परेशान कर रही है। सुनक बिना किसी सरकारी वेतन के जम्मू-कश्मीर में मेरे सेक्रेटरी थे।

स्कैम से जुड़ा ये मामला तब सामने आया था जब सत्यपाल मलिक 23 अगस्त 2018 से लेकर 30 अक्टूबर 2019 तक जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल थे। कार्यकाल के दौरान दो फाइलों को मंजूरी देने के लिए उन्हें 300 करोड़ रुपए की रिश्वत की पेशकश की गई थी। घोटाले की शिकायत खुद मलिक ने की थी। इसके बाद CBI ने केस दर्ज किया था। जांच एजेंसी ने हाल ही में सत्यपाल मलिक के भी बयान दर्ज किए थे।

क्या है इंश्योरेंस स्कैम मामला

मलिक ने जिन दो फाइलों का जिक्र किया था, उसके बारे में कभी खुलकर नहीं बताया। रिपोर्ट के मुताबिक, सत्यपाल मलिक सरकारी कर्मचारियों, पेंशनर्स और पत्रकारों के लिए लाए गए ग्रुप हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी से जुड़ी एक फाइल का जिक्र कर रहे थे। इसमें अनिल अंबानी के नेतृत्व वाली रिलायंस जनरल इंश्योरेंस कंपनी शामिल थी।

मलिक ने रिलायंस के साथ डील कैंसिल कर दी थी

बाद में मलिक ने कुछ गड़बड़ी के अंदेशे को देखते हुए रिलायंस जनरल इंश्योरेंस कंपनी के साथ यह डील कैंसिल कर दी थी। दो दिन बाद गवर्नर ने एंटी-करप्शन ब्यूरो को इस डील की जानकारी देते हुए कहा था कि वो इस कॉन्ट्रैक्ट की तह तक जांच-पड़ताल करे कि क्या इसमें किसी तरह का भ्रष्टाचार हुआ है?

RSS का भी लिया था नाम, फिर मांगी थी माफी

इश्योरेंस स्कैम मामले में मलिक ने एक कार्यक्रम में RSS का भी नाम लिया था। इस बात का जिक्र उन्होंने पिछले साल 17 अक्टूबर को राजस्थान के झुंझुनू में एक सम्मान समारोह में किया था। इस दौरान उन्होंने कहा था कि, इंश्योरेंस वाली डील में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) के एक पदाधिकारी भी शामिल था।

बाद में भास्कर को दिए एक इंटरव्यू में मलिक ने राष्ट्रीय स्वयं संघ (RSS) से माफी मांग ली थी। मलिक का कहना था कि 300 करोड़ रुपए की रिश्वत ऑफर किए जाने के मामले का RSS से कोई मतलब नहीं। उनसे गलती हो गई और वे माफी चाहते हैं।