अमेरिका में सबसे पहले 28 जनवरी को देखा गया चीन का जासूसी गुब्बारा पिछले सप्ताह मिसाइल प्रहार से गिराया गया।
अमेरिका ने कहा है कि चीन ने भारत के आकाश में भी गुब्बारा भेजकर वहां की जासूसी कराई थी। चीन ने यह कार्य कई देशों में किया है। यह जानकारी अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन ने दी है। अमेरिका ने गुब्बारे से संबंधित जानकारियां विश्व भर के राजनयिकों से साझा की हैं और उनसे सावधान रहने का अनुरोध किया है। कहा है कि चीन ऐसी हरकत किसी भी देश के साथ कभी भी कर सकता है। उप विदेश मंत्री वेंडी शरमन ने 40 देशों के राजनयिकों के साथ मिसाइल प्रहार से गिराए गए गुब्बारे की जानकारियां वाशिगटन में साझा कीं तो बीजिग में अमेरिकी राजदूत ने अन्य देशों के राजनयिकों को आमंत्रित कर ये जानकारियां साझा की हैं। कहा कि चीन 2018 से इस तरीके से जासूसी कर रहा है। इससे पहले उसने भारत, जापान, वियतनाम, ताइवान और फिलीपींस में भी गुब्बारा भेजकर जासूसी की थी। शरमन की बुलाई बैठक में भारत के राजनयिक भी मौजूद थे। अमेरिका में सबसे पहले 28 जनवरी को देखा गया चीन का जासूसी गुब्बारा पिछले सप्ताह मिसाइल प्रहार से गिराया गया। इस प्रकरण ने दोनों देशों के संबंधों में तनाव पैदा कर दिया है। पेंटागन के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल पैट राइडर ने कहा, हम दोनों देशों के बीच संवाद बनाए रखना चाहते हैं लेकिन चीन ने मंत्री स्तर की वार्ता के हमारे प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया। चीन का कहना है कि मिसाइल प्रहार से गिराया गया गुब्बारा वास्तव में मौसम की जानकारी लेने के लिए भेजा गया था, जो रास्ता भटककर अमेरिका के आकाश में पहुंच गया था। जबकि अमेरिका का कहना है कि गुब्बारा जासूसी के लिए निकला था।