पाकिस्‍तान के विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो और उनका पूरा विदेश मंत्रालय टेंशन में है

बिलावल भुट्टो की टेंशन की वजह चीन है जिसकी दुखती रग पर पाकिस्‍तान ने हाथ रखा

चीन के चेंगदू में स्थित पाकिस्‍तानी महावाणिज्‍य दूतावास के उइगरों पर ट्वीट से बवाल

इस्‍लामाबाद: भारत के खिलाफ जहर उगलने वाले पाकिस्‍तान के विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो और उनका पूरा विदेश मंत्रालय टेंशन में है। बिलावल भुट्टो और उनके विदेश मंत्रालय की टेंशन की वजह चीन है जिसकी दुखती रग पर पाकिस्‍तान ने हाथ रख दिया है। दरअसल, चीन के चेंगदू शहर में स्थित पाकिस्‍तानी महावाणिज्‍य दूतावास के ट्विटर अकाउंट ने उइगुर मुस्लिमों के अधिकारों को लेकर एक विवादित ट्वीट कर दिया है। इस ट्वीट के बाद पाकिस्‍तानी सोशल मीडिया में बवाल मच गया और विदेश मंत्रालय ने ट्वीट करके सफाई दी कि इस अकाउंट को हैक कर लिया गया है। इस पूरी घटना के करीब 24 घंटे बाद भी विवादित ट्वीट को पाकिस्‍तान सरकार डिलीट नहीं कर पाई है।

चेंगदू के पाकिस्‍तानी महावाणिज्‍य दूतावास की ओर से किए गए ट्वीट में कहा गया है कि पाकिस्‍तान का विदेश मंत्रालय बाढ़ पुर्ननिर्माण को भेजी गई मदद के लिए चीन का शुक्रगुजार है। दोनों देश उइगर समुदाय के अधिकारों और स्‍वतंत्रता समेत आप‍सी हित के मुद्दों पर मिलकर काम करेंगे। असल में चीन लाखों उइगर मुस्लिमों को कैद करके नरक जैसी जिंदगी जीने को मजबूर किए हुए है। इसको लेकर पूरी दुनिया चीन की कड़ी आलोचना करती रहती है। यही नहीं अमेरिका समेत कई देशों ने उइगरों पर अत्‍याचार को देखते हुए चीन के खिलाफ कई प्रतिबंध लगा रखे हैं।

उइगरों पर चुप्‍पी साधे हुए है पाकिस्‍तान

इसी वजह से चीन के लिए उइगरों का मुद्दा बहुत ही संवेदनशील है। दुनिया जहां उइगर मुस्लिमों के अत्‍याचार आवाज उठाती रही है, वहीं खुद को मुस्लिमों का रहनुमा कहने वाला पाकिस्‍तान चुप्‍पी साधे हुए है। चीन के कर्ज तले दबा पाकिस्‍तान एक शब्‍द भी उइगर मुस्लिमों के खिलाफ नहीं बोलता है। इमरान खान के पीएम रहने के दौरान जब उनसे उइगर मुस्लिमों का सवाल पूछा गया तो वह पूरी तरह से कन्‍नी काट गए। इसी वजह से इस ट्वीट के बाद पाकिस्‍तानी विदेश मंत्रालय में हड़कंप मच गया।

पाकिस्‍तान के विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को पहले एक ट्वीट किया और फिर उसे तत्‍काल डिलीट कर दिया। इसके बाद दोबारा किए गए ट्वीट में उसने दावा किया कि पाकिस्‍तानी महावाणिज्‍य दूतावास के अकाउंट को ‘हैक’ कर लिया गया है। पाकिस्‍तानी विदेश मंत्रालय की प्रवक्‍ता मुमताज जहरा बलोच ने कहा, ‘आज के दिन इस अकाउंट से किया गया ट्वीट न तो पाकिस्‍तानी काउंसलेट ने किया है और न ही पाकिस्‍तान सरकार के आधिकारिक रुख को दिखाता है।’ पाकिस्‍तान सरकार अभी तक इस अकाउंट को खबर लिखे जाने तक ‘अपने कब्‍जे’ में नहीं ले पाई है।

उइगर मुस्लिमों की मस्जिदों को चीन ने जबरन तोड़ा

चीन ने करीब 10 लाख उइगर मुस्लिमों को अपने शिंज‍ियांग प्रांत में कैद करके रखा हुआ है। इन उइगर मुस्लिमों की मस्जिदों को जबरन तोड़ा जा रहा है और उन्‍हें सख्‍त निगरानी के बीच यातना शिविरों में रखा जा रहा है। चीन ने इस दावे को खारिज किया है और कहा है कि वह धार्मिक अतिवाद को खत्‍म करने के लिए इन शिविरों को चलाया जा रहा है। यहां तक कि पाकिस्‍तान का दोस्‍त तुर्की भी उइगर मुस्लिमों को लेकर चीन को सुना चुका है लेकिन पाकिस्‍तानी ने चुप्‍पी साध रखी है। संयुक्‍त राष्‍ट्र की ताजा रिपोर्ट में भी चीनी अत्‍याचार का खुलासा हुआ है।