आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/ आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल: चारधाम यात्रा शनिवार से शुरू होगी। 22 अप्रैल को यमुनोत्री व गंगोत्री के कपाट खुलेंगे। 25 को केदारनाथ और 27 को बद्री विशाल के दर्शन शुरू होंगे। भास्कर ने यात्रा से ठीक पहले चारों धामों के बीच 1,550 किमी से ज्यादा दूरी तय कर तैयारियों का जायजा लिया।
पहले जहां ऋषिकेश से सड़क मार्ग से चारधाम यात्रा पूरी करने में कम से कम 7 दिन (रोज 7-8 घंटे का सफर) लगते थे, इस बार 6 दिन (रोज 7 घंटे यात्रा) में यात्रा पूरी हो सकती है, क्योंकि 85% रास्ता सुगम हो चुका है। हालांकि, रुकते-रुकाते यात्रा का इरादा है तो 9 से 10 दिन लगेंगे। ज्यादातर श्रद्धालु ऋषिकेश के भद्रकाली तिराहे से चारधाम यात्रा शुरू करते हैं। यहां चेकपोस्ट पर रजिस्ट्रेशन ID और गाड़ी का ग्रीन कार्ड आदि चेक कराना होगा। दूसरा चेकपोस्ट ऋषिकेश-बद्रीनाथ हाइवे पर ब्रह्मपुरी में है। प्रशासन की हरी झंडी के बाद सफर शुरू कर सकते हैं।
गंगोत्री
दोपहर के 12 बज रहे हैं। हम भद्रकाली तिराहे से गंगोत्री की 264 किमी लंबी यात्रा शुरू करते हैं। 2 बजे चंबा में एक छोटी सी टनल हिमालय रेंज से मुलाकात कराती है। तलहटी में टिहरी झील मनमोहक है। साइड में रुककर नजारा देख सकते हैं। उत्तरकाशी तक ऑल वेदर रोड की डबल लेन है। गंगोत्री की 100 किमी की दूरी साढ़े तीन से चार घंटे में कर सकते हैं। गंगोत्री से 25 किमी पहले गांव हर्षिल में रुक सकते हैं।