कर्नाटक में महिला IAS रोहिणी और महिला IPS डी. रूपा के बीच की लड़ाई सोशल मीडिया पर खुलेआम चल रही है।
कर्नाटक के सियासी गलियारों में इन दिनों दो महिला अधिकारियों का विवाद काफी सुर्खियों में है। राज्य में रविवार को जब IPS अधिकारी डी रूपा मौदगिल (D. Roopa Moudgil) और IAS अधिकारी रोहिणी सिंधुरी के बीच खुलेआम टकराव की स्थिति निर्मित हो गई तो सोशल मीडिया पर भी यह विवाद दिनभर सुर्खियों में रहा। IPS अधिकारी D. रूपा मौदगिल ने IAS अधिकारी रोहिणी सिंधुरी पर खुलेआम भ्रष्टाचार के कई आरोप लगाए थे और एक दिन बाद ही रविवार को उनकी कुछ निजी तस्वीरें भी शेयर की।
कर्नाटक में महिला IAS रोहिणी और महिला IPS डी. रूपा के बीच की लड़ाई सोशल मीडिया पर खुलेआम चल रही है। IPS रूपा ने IAS रोहिणी सिंधुरी पर 19 आरोप लगाते हुए कहा कि जब रोहिणी मांड्या की जिला पंचायत CEO बनीं तो उस दौरान शौचालयों की संख्या में हेरफेर किया और केंद्र सरकार से पुरस्कार जीता, लेकिन इस मामले में कोई जांच नहीं हुई।
इसके अलावा D. रूपा ने चामराजनगर में बिना ऑक्सीजन के 24 लोगों की मौत के मामले में भी IAS रोहिणी सिंधुरी को दोषी ठहराया गया था, फिर रोहिणी किसी तरह इससे बच निकली?
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक IAS रोहिणी सिंधुरी ने रविवार को इस बारे में एक बयान जारी करते हुए कहा कि रूपा मेरे खिलाफ एक ‘झूठा, निजी निंदा का अभियान’ चला रही हैं, जो कि ‘उनका काम करने का असली तरीका है। IAS सिंधुरी ने कहा कि ‘मैं IPC की धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई करूंगी’ सिंदूरी ने कहा कि रूप ने मुझे बदनाम करने के लिए सोशल मीडिया से तस्वीरें और मेरे Whatsapp स्टेटस के स्क्रीनशॉट जुटाए। जैसा कि उसने आरोप लगाया है कि मैंने कुछ अफसरों को ये तस्वीरें भेजीं, मैं उनसे उनके नाम सार्वजनिक करने का आग्रह करती हूं।
वहीं दूसरी ओर रविवार को आईपीएस डी रूपा ने भी मीडिया के सामने कहा कि सिंधुरी के खिलाफ सभी आरोपों की जांच की जानी चाहिए। IPS रूपा ने कहा कि मैंने केवल कुछ बातें जनता के सामने रखी है।