आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल: कैबिनेट ने बुधवार को विश्वकर्मा योजना को मंजूरी दे दी। इसके जरिए देश के छोटे कामगारों को लोन से लेकर स्किल से जुड़ी मदद मिलेगी। इस स्कीम पर सरकार के 5 साल में 13,000 करोड़ रुपए खर्च होंगे। विश्वकर्मा योजना का लक्ष्य बुनकर, सुनार, लोहार, कपड़े धोने का काम करने वाले, नाई आदि को सशक्त बनाना है।

इसके अलावा पीएम ई-बस सेवा के तहत 10,000 बसों को चलाने की भी मंजूरी दी गई है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव और अनुराग ठाकुर ने कैबिनेट फैसलों की जानकारी दी।

नए स्किल्स, टूल्स, क्रेडिट सपोर्ट और मार्केट सपोर्ट दिया जाएगा:

स्कीम के तहत दो तरह की स्किल ट्रेनिंग होगी। बेसिक और एडवांस।

ट्रेनिंग के दौरान रोजाना 500 रुपए की स्टायपेंड भी दी जाएगी।

मॉडर्न टूल्स खरीदने के लिए 15,000 रुपए का सपोर्ट सरकार देगी।

एक लाख रुपए तक का लोन दिया जाएगा। मैक्सिमम 5% इंटरेस्ट होगा।

एक लाख के सपोर्ट के बाद अगले ट्रांच में 2 लाख तक का लोन मिलेगा।

ब्रांडिंग, ऑनलाइन मार्केट एक्सेस जैसा सपोर्ट दिया जाएगा।

पहली बार में 18 पारंपरिक व्यापारों को शामिल किया गया है

पीएम ई-बस सेवा को भी मंजूरी, 10,000 नई इलेक्ट्रिक बसें चलेंगी

केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने बताया कि पीएम ई-बस सेवा योजना पर 57,613 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। इसमें से 20,000 करोड़ रुपए केंद्र सरकार और शेष राज्य सरकारें देंगी। इसके तहत देश भर में लगभग 10,000 नई इलेक्ट्रिक बसें उपलब्ध कराई जाएंगी।

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर बसों का संचालन होगा। यह योजना 3 लाख और उससे अधिक आबादी वाले 169 शहरों को कवर करेगी। इस योजना से 45,000-55,000 लोगों को रोजगार मिलने का अनुमान है।

32,500 करोड़ की 7 रेल परियोजनाओं को मंजूरी

कैबिनेट ने रेल मंत्रालय की सात परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इसपर लगभग 32,500 करोड़ रुपए खर्च होंगे। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि ये परियोजनाएं भारतीय रेलवे के मौजूदा नेटवर्क में 2,339 किलोमीटर का विस्तार करेगी।

ये नई रेलवे परियोजनाएं नौ राज्यों- यूपी, बिहार, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, गुजरात, ओडिशा, झारखंड, पश्चिम बंगाल, तेलंगाना के 35 जिलों को कवर करेंगी।