आमतौर पर ज्वालामुखी विस्फोट के बाद बारिश हो जाती है, जिससे जमा राख चिकने कीचड़ में बदल जाती है।

आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/ आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : इंडोनेशिया के माउंट मेरापी ज्वालामुखी शनिवार को हुए विस्फोट के बाद से भी तक लावा व धुएं के गुबार निकल रहा है। माउंट मेरापी ज्वालामुखी ने निकला धुआं करीब 7 किमी ऊपर तक आसमान में छाया हुआ है और यहां करीब 8 गांव पूरी तरह तरह से राख में ढक गए हैं। हालांकि अभी तक किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। स्थानीय प्रशासन ने आसपास के सभी ग्रामीणों और पर्यटकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया है।

गांवों में फ्लैश फ्लड का खतरा

स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक राख की वजह से लोगों को काफी परेशान हो रही है। आमतौर पर ज्वालामुखी विस्फोट के बाद बारिश हो जाती है, जिससे जमा राख चिकने कीचड़ में बदल जाती है। इससे राहत व बचाव कार्य में भी काफी परेशानी आती है। गौरतलब है कि माउंट मेरापी ज्वालामुखी में दो साल पहले जनवरी महीने में भी लगातार गरजा था और उसके बाद करीब 28 दिन तक लावा फेंकता रहा था।

साल 2010 में मारे गए थे 347 लोग

माउंट मेरापी ज्वालामुखी ज्वालामुखी में साल 2010 में भी भयावह विस्फोट हुआ था, जिसमें 347 लोगों की मौत हो गई थी। माउंट मेरापी ज्वालामुखी में 1548 से अब तक कई विस्फोट हो चुके हैं, लेकिन साल 2006 से ये ज्वालामुखी ज्यादा सक्रिय है और माउंट मेरापी ज्वालामुखी में विस्फोट के चलते इस इलाके में अभी तक करीब 156 बार भूकंप के झटके आ चुके हैं।

स्थानीय लोगों में ये है किंवदंती

माउंट मेरापी ज्वालामुखी को लेकर स्थानीय लोगों में किवदंती है कि धरती पर सिर्फ इंसान ही नहीं बसते, बल्कि आत्माएं भी बसती है। माउंट मेरापी के अंदर जावानीज क्राटोन की आत्मा निवास करती है और इस सभी आत्माओं के शासक एंपु रामा और एंपु पर्मादी हैं। जब भी ये आत्माएं माउंट मेरापी ज्वालामुखी से बाहर आती है तो इस तरह के विस्फोट होते हैं। आपको बता दें कि दुनिया में सबसे ज्यादा 1500 सक्रिय ज्वालामुखी है। इसमें से 121 ज्वालामुखी तो अकेले इंडोनेशिया में ही है। इंडोनेशिया में 58 ज्वालामुखी साल 1950 से सक्रिय हैं।