आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : वित्त वर्ष 2022-23 के लिए बिना जुर्माने के आयकर रिटर्न दाखिल करने की समय सीमा 31 जुलाई को खत्म होने के बाद अब लोगों को अपने रिफंड का इंतजार है। आखिरी दिन तक करीब 6.77 करोड़ आयकर रिटर्न दाखिल किए गए।

इनमें से 3.44 करोड़ आईटीआर प्रोसेस कर लिए गए हैं। यानी इनमें से जो भी रिफंड के लिए एलिजिबल है उनका रिफंड प्रोसेस हो चुका है। आईटीआर रिफंड तब मिलता है जब आपका टैक्स पेमेंट एक्चुअल टैक्स लाइबिलिटी से ज्यादा होता है।

7 से 120 दिनों के भीतर जारी होता है रिफंड

आईटीआर रिफंड आमतौर पर रिटर्न दाखिल करने की तारीख से 7 से 120 दिनों के भीतर जारी किया जाता है। टेक्नोलॉजी के एडवांस होने और प्रोसेस ऑनलाइन होने से रिफंड के लिए ऐवरेज प्रोसेसिंग टाइम में काफी कमी आई है।

रिफंड की स्थिति कैसे जांचें?

ई-फाइलिंग वेबसाइट -incometaxindiaefiling.gov.in या नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी लिमिटेड की ई-गवर्नेंस वेबसाइट – tin.nsdl.com के माध्यम से टैक्स रिफंड स्टेटस देख सकते हैं। यहां हम स्टेटस कैसे देखना है इसकी प्रोसेस बता रहे हैं:

www.incometax.gov.in खोलें और यूजर आईडी (पैन) और पासवर्ड दर्ज करके अकाउंट में लॉग इन करें।

‘ई-फाइल’ ऑप्शन पर क्लिक करें ‘इनकम टैक्स रिटर्न’ चुनें और फिर ‘व्यू फाइल्ड रिटर्न’ पर क्लिक करें।

अब आपको ‘व्यू डिटेल्स’ ऑप्शन चुनना होगा जो फाइल किए गए नए ITR का स्टेटस दिखाएगा।

वहीं वेबसाइट tin.tin.nsdl.com के माध्यम से इनकम टैक्स स्टेटस की जांच करने के लिए, यूजर्स को अपना परमानेंट अकाउंट नंबर (पैन) दर्ज करना होगा। अब असेसमेंट ईयर चुने। ‘रिफंड पेमेंट’ स्टेटस सामने आ जाएगा।

रिफंड में देरी के क्या कारण हो सकते हैं?

रिफंड या तो इलेक्ट्रॉनिक मोड के माध्यम से किया जाता है यानी सीधे खाते में जमा किया जाता है या चेक के माध्यम से किया जाता है। रिफंड लेट होने के 5 कारण हो सकते हैं:

बैंक अकाउंट डिटेल्स का गलत होना

अतिरिक्त दस्तावेज/जानकारी की आवश्यकता

रिफंड के लिए गलत जानकारी देना

टीडीएस/टीसीएस में मिसमैच होना

रिफंड रिक्वेस्ट का अंडर प्रोसेस होना

रिफंड में देरी होने पर क्या करें?

सबसे पहले अपना ईमेल चेक करें। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने किसी तरह की कोई ऐडिशनल जानकारी के लिए मेल तो नहीं भेजा है। यदि आईटीआर स्टेटस से पता चलता है कि रिफंड एक्सपायर हो गया है, तो टैक्सपेयर रिफंड री-इश्यू करने का अनुरोध कर सकता है। वहीं अगर स्टेटस में ‘रिटर्न्ड’ दिखा रहा है, तो ई-फाइलिंग पोर्टल/आकलन अधिकारी के पास रिफंड रि-इश्यू रेज कर सकते हैं।